कोलकाता

TMC MP Kirti Azad: वसूली केस में तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक

Calcutta High Court: वसूली के मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद को कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी समेत किसी भी जबरन पुलिस कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।
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Sep 15, 2026
Kirti Azad Case
तृणमूल कांग्रेस सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद। फोटो- पत्रिका

Kirti Azad Case: वसूली के एक मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मंगलवार को उनके खिलाफ किसी भी तरह की जबरन पुलिस कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है, पर अंतरिम रोक लगा दी। हालांकि अदालत ने साफ किया कि आजाद को पश्चिम बंगाल पुलिस की सीआईडी जांच में पूरा सहयोग करना होगा। न्यायमूर्ति कौशिक चंद की एकल पीठ ने आजाद की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह राहत दी।

अदालत ने कहा कि जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर सीआईडी आजाद को पूछताछ के लिए बुला सकती है, लेकिन इसके लिए उन्हें कम से कम सात दिन पहले नोटिस देना होगा। सीआईडी की ओर से अदालत को बताया गया कि आजाद को पूछताछ के लिए 22 सितंबर को दक्षिण कोलकाता स्थित भवानी भवन में एजेंसी के मुख्यालय बुलाया गया है। यह पूछताछ वसूली के आरोपों की जांच का हिस्सा है।

क्या है मामला

आरोप है कि पिछले साल 21 मई को एक कारोबारी को दुर्गापुर स्थित कीर्ति आजाद के बंगले पर बुलाया गया था। कारोबारी का आरोप है कि आजाद के एक सहयोगी ने उससे 15 लाख रुपए की मांग की। रकम नहीं देने पर उसका खाना पकाने वाली गैस का कारोबार बंद कराने की धमकी दी गई। कारोबारी ने यह भी दावा किया कि पूरी घटना की ऑडियो रिकॉर्डिंग उसके पास है। इसके बाद आजाद और उनके कुछ सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

आजाद ने आरोपों को बताया साजिश

कीर्ति आजाद ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने इसे बदनाम करने की साजिश बताया है। बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट से टीएमसी सांसद आजाद ने अदालत में दावा किया कि जिस दिन की घटना बताई जा रही है, उस दिन वह दुर्गापुर में मौजूद ही नहीं थे। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने अदालत के सामने अपनी फ्लाइट की जानकारी भी पेश की।

पूछताछ के लिए हिरासत जरूरी नहीं: वकील

अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आजाद के वकील ने एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कथित घटना के करीब 15 महीने बाद मामला दर्ज किया गया। वकील ने यह भी दलील दी कि आजाद को कथित वसूली की रकम मिलने का कोई सबूत नहीं है। वकील ने अदालत से कहा कि आजाद जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं और पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की जरूरत नहीं है।

एफआईआर रद्द कराने भी पहुंचे हाईकोर्ट

कीर्ति आजाद ने एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर भी कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। फिलहाल अदालत की ओर से दी गई अंतरिम राहत आजाद के सीआईडी जांच में सहयोग करने की शर्त पर जारी रहेगी। आजाद उन आठ टीएमसी लोकसभा सदस्यों में शामिल हैं, जो पार्टी की प्रमुख ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ बने हुए हैं।

Updated on:
15 Sept 2026 03:03 pm
Published on:
15 Sept 2026 03:03 pm
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