
कोलकाता. कोरोना एक्स्प्रेस टिप्पणी को लेकर गलत तरीके से व्याख्या की गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को सचिवालय नवान्न में संवाददाता सम्मेलन में इस तरह सफाई दी। उन्होंने कहा कि साधारण लोग प्रवासी मजदूरों को लौटाने को लेकर इस तरह टीका टिप्पणी कर रहे हैं। यही बात वह कहना चाह रही थी। ममता ने कहा कि उनके बयानों को जानबूझकर तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। मुख्यमंत्री ने ट्रेन चलाने के प्रसंग पर चर्चा के दौरान कहा कि मैं कभी कोरोना एक्सप्रेस नहीं कहा, मैंने यह कहना चाहा कि साधारण लोग ऐसा कह रहे हैं। प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा के मुद्दे पर केंद्र पर प्रहार करते हुए ममता ने कहा कि लॉकडाउन जारी होने से पहले यदि श्रमिकों को लौटाने की व्यवस्था की गई होती तो इस तरह उन्हें जान जोखिम में डालकर नहीं लौटना पड़ता। इतनी समस्या और इतनी परेशानी नहीं उठाना पड़ता। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल से कोई भी श्रमिक नहीं लौटना चाहता। कारण यह कि बंगाल में वे सभी सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ममता ने सवाल उठाया कि लॉकडाउन के दौरान बंगाल ने जब दूसरे राज्य के श्रमिकों को समस्त सुविधा उपलब्ध कराई तब दूसरे राज्य में फंसे बंगाल के श्रमिकों को क्यों नहीं सुविधा प्रदान की गई। कम संख्या में श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाकर प्रवासियों को संकट में डालने का प्रयास किया गया। इस तरह का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि महामारी से बचने के लिए दूरी बनाकर रहना अत्यंत जरूरी है। तब क्यों अधिक संख्या में ट्रेन नहीं चला कर कम ट्रेनों में प्रवासी मजदूरों को ठूंस कर भेजा गया। क्यों नहीं सोचा कि उनकी परेशानियों की बात। कुछ दिन पहले प्रवासी मजदूरों के प्रसंग पर मुख्यमंत्री की कोरोना एक्सप्रेस वाली टिप्पणी को लेकर राजनीतिक क्षेत्रों में जमकर आलोचना हुई थी। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री पर प्रवासियों का अपमान करने का आरोप लगाया था। उल्लेखनीय है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जनसंवाद रैली के दौरान पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस की विदाई कोरोना एक्सप्रेस से होने का दावा किया था।
टोका तो बयान से पलटीं ममता- दिलीप
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने ममता पर अपने बयान से पलटने का आरोप लगाया। साल्टलेक स्थित अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि अमित शाह की टिप्पणी के बाद ममता बनर्जी अपने बयान से बदल गईं। वे कह रहीं हैं कि उन्होंने कभी भी श्रमिक एक्सप्रेस विशेष ट्रेन को कोरोना एक्सप्रेस नहीं कहा।