
कोलकाता। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दावा करते हुए कहा कि कश्मीर घाटी में आतंकवाद अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है और वहां सुरक्षा के हालात पश्चिम बंगाल से बेहतर हैं। सिन्हा का यह बयान जम्मू के पुंछ जिले में भारतीय सेना के जवानों पर घात लगाकर किए गए हमले में 5 जवानों की शहादत के एक दिन बाद आया है। सिन्हा के इस बयान की टीएमसी ने तीखी आलोचना की है।
सिन्हा ने आतंकी हमले की निंदा करते हुए पाकिस्तान को ठहराया जिम्मेदार
दरअसल जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शुक्रवार को कोलकाता में 'जम्मू और कश्मीर में उद्योग के दायरे' पर कलकत्ता चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सिन्हा ने कहा कि अनुच्छेद 370 निरस्त किये जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है और घाटी में आतंकवाद अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है। सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में बृहस्पतिवार को सेना के काफिले पर हुए आतंकी हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। इस हमले में पांच सैनिक शहीद हो गए और दो अन्य घायल हो गए। उन्होंने घाटी में शांति भंग करने के प्रयासों के लिए पड़ोसी देश पाकिस्तान को दोषी ठहराया।
बयान के बाद पलटे सिन्हा
कार्यक्रम के दौरान सिन्हा ने पत्रकारों के एक सवाल पर बंगाल और जम्मू-कश्मीर की तुलना करते हुए कहा कि कश्मीर में सुरक्षा स्थिति बंगाल से बेहतर है। कृपया राज्य का दौरा करें और आप अंतर देखेंगे।
हालांकि जब पत्रकारों ने सिन्हा से उनकी इस टिप्पणी के बारे में पूछा तो वे अपने बयान से पलट गए और कहा कि मेरी टिप्पणी को राजनीतिक रूप से तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि मेरे कहने का मतलब था कि कश्मीर में सुरक्षा स्थिति बंगाल जितनी ही अच्छी हैं।
सिन्हा पर भड़की टीएमसी
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा कश्मीर और बंगाल के हालातों की तुलना करने पर टीएमसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, "वह (मनोज सिन्हा) भाजपा के आदमी हैं, वही बातें कह रहे हैं जो उनकी पार्टी चाहती है। उन्हें वास्तव में पिछले राज्यपाल से बात करनी चाहिए और उनसे पूछना चाहिए कि पुलवामा में क्या हुआ था? केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, कोलकाता और पश्चिम बंगाल देश में सबसे सुरक्षित स्थान हैं।"