
Kolkata Kali Puja: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने काली पूजा के आयोजन में कथित तौर पर बाधा डालने पहुंचे लोगों को लेकर तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी में बुलडोजर चलाने की हिम्मत है तो फिर रात 2-3 बजे गुंडों की टोली लेकर आने की क्या जरूरत है? ममता ने आरोप लगाया कि कुछ लोग देर रात पहुंचकर माहौल बिगाड़ने और पार्टी के काम में रुकावट डालने की कोशिश कर रहे हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ लोग रात 2 या 3 बजे अचानक वहां पहुंच जाते हैं। उनके साथ लोगों का एक पूरा समूह होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी को अपनी ताकत दिखानी है तो वह सामने आकर ऐसा क्यों नहीं करता? रात के अंधेरे में लोगों की भीड़ लेकर पहुंचने का क्या मतलब है?
उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतों से इलाके में डर का माहौल बन रहा है। ममता के मुताबिक, काली पूजा के आयोजन के दौरान इस तरह पहुंचना और लोगों को परेशान करना गलत है। उन्होंने इसे खुलेआम गुंडागर्दी बताते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों से शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है।
ममता ने कहा कि वहां पार्टी से जुड़े काम किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर पहुंचकर उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि किसी को भी इस तरह दूसरों के काम में बाधा डालने का अधिकार किसने दिया है?
उनके बयान में काली पूजा के आयोजन और पार्टी के काम में दखल देने की बात प्रमुखता से सामने आई। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई कार्रवाई करनी है तो वह सामने आकर करे, न कि रात के समय लोगों की टोली लेकर पहुंचे।
मीडिया से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी ने बुलडोजर का जिक्र करते हुए विरोधियों पर निशाना साधा। उनका सवाल था कि बुलडोजर चलाने का साहस है तो फिर आधी रात को इस तरह लोगों को लेकर आने की जरूरत क्यों पड़ती है?
ममता का यह बयान पश्चिम बंगाल में जारी राजनीतिक खींचतान के बीच आया है। काली पूजा के आयोजन का जिक्र करते हुए उन्होंने विरोधियों के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं।