तपस की गिरफ्तारी पर बोली ममता, नोटबंदी के विरोध का नतीजा

'नोटबंदी का विरोध करने का मतलब यह नहीं है कि हमारी गिरफ्तारी सीबीआई के द्वारा कराई जाय। मोदी बाबू, यदि आप चाहते हैं तो मेरे सारे विधायकों और सांसदों को गिरफ्तार कर लीजिए।'

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Dec 30, 2016
Mamata Banarjee
Mamata Banarjee
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस सांसद तपस पॉल को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। उन्‍होंने कहा कि राजनीतिक बदला लेने की सीमा काफी नीचे तक गिर चुकी है। उनके सारे सांसदों को गिरफ्तार कर लिया जाए तो आश्‍चर्य नहीं होना चाहिए।

दरअसल सीबीआई ने चिटफंड घोटाले मामले में तृणमूल कांग्रेस के सांसद तपस पाल को शुक्रवार की सुबह पुछताछ के लिए बुलाया। चार घंटे तक चली पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई ने रोज वैली घोटाला मामले में तपस पाल को गिरफ्तार किया है। टीएमसी सांसद की गिरफ्तारी से बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है।

ममता बनर्जी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ”नोटबंदी का विरोध करने का मतलब यह नहीं है कि हमारी गिरफ्तारी सीबीआई के द्वारा कराई जाय। मोदी बाबू, यदि आप चाहते हैं तो मेरे सारे विधायकों और सांसदों को गिरफ्तार कर लीजिए। हमे समन करने की जरुरत नहीं है, हम तैयार हैं। लेकिन हमें झुकाया नहीं जा सकता।” उन्‍होंने कहा कि रोज वैली से तो भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो और रूपा गांगुली भी जुड़े हुए थे।


ममता ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी का नाम भी 50 हजार करोड़ रुपये के पर्ल ग्रुप चिटफंड घोटाले से जुड़ी हुई है। कोर्इ भी किसी भी राज्‍य का एंबेसेडरन बन सकता है। अमिताभ बच्‍चन का नाम लेते हुए सवाल किया कि वे भी राज्‍य के प्रमोशन से जुड़े हुए हैं। कई फिल्‍मी सितारे और क्रिकेटर्स भी सहारा का प्रमोशन कर रहे है। क्‍या उस समय केंद्र सरकार सो रही थी?

ममता बनर्जी ने पीएम मोदी द्वारा भीमराव अंबेडकर के नाम पर लॉन्‍च की गई 'भीम' ऐप पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दलितों का अपमान है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने काला धन वापस लेने का वादा किया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने अर्थव्‍यवस्‍था को तबाह कर दिया और देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा को खतरे में डाल दिया।


वहीं तपस पाल की पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री से बदला लेने के लिए मेरे पति को गिरफ्तार किया गया है।


क्या है रोज वैली घोटाला
रोज वैली एक चिटफंड कंपनी है जो कई राज्यों में काम करती है। कंपनी पर निवेशकों के कई हजार करोड़ रुपये ठगने का आरोप है। सीबीआई ने इस मामले में एक आरोपपत्र भी दाखिल किया है। जिसमें कंपनी के चेयरमैन गौतम कुंडू, प्रबंध निदेशक शिवमय दत्ता, निदेशक रामलाल गोस्वामी, प्रबंध निदेशक शिवमय दत्ता, निदेशक रामलाल गोस्वामी और अशोक कुमार साहा को प्रमुख आरोपी बनाया है।
Published on:
30 Dec 2016 09:46 pm