कोलकाता

Bengal Politics: चुनावी हार के बाद पहली बार कोलकाता से बाहर उतरेंगी ममता बनर्जी, श्रीरामपुर में होगा TMC का विरोध मार्च

Mamata Banerjee: चुनावी हार के बाद ममता बनर्जी 11 सितंबर को पहली बार कोलकाता से बाहर बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होंगी। श्रीरामपुर में प्रस्तावित तृणमूल कांग्रेस के विरोध मार्च को अनुमति नहीं मिलने पर मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है।
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Sep 08, 2026
Mamata Banerjee
ममता बनर्जी। फाइल फोटो- पत्रिका

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस 11 सितंबर को हुगली जिले के श्रीरामपुर में बड़ा विरोध मार्च आयोजित करेगी। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी राज्य में हालिया चुनावी हार के बाद पहली बार कोलकाता से बाहर किसी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होंगी। हालांकि, प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के कारण इस कार्यक्रम के सामने कानूनी अड़चन खड़ी हो गई है। हुगली जिला तृणमूल कांग्रेस इकाई ने पुलिस की कथित निष्क्रियता और भारतीय जनता पार्टी की ओर से की जा रही कथित प्रताड़ना के विरोध में इस मार्च का आह्वान किया है।

अदालत ने याचिका स्वीकार की

जिला प्रशासन से औपचारिक अनुमति नहीं मिलने के बाद तृणमूल नेतृत्व ने अनुमति की मांग को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली है। मामले पर इस सप्ताह के अंत में सुनवाई होने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के अनुसार, अनुमति मिलने पर पदयात्रा ऐतिहासिक महेश मंदिर से शुरू होकर श्रीरामपुर कोर्ट तक जाएगी। राज्य में सत्ता परिवर्तन और चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद यह ममता बनर्जी का कोलकाता से बाहर पहला बड़ा मैदानी राजनीतिक कार्यक्रम होगा।

समर्थकों को फिर से एकजुट करने की कोशिश

राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद से ममता मुख्य रूप से फेसबुक लाइव के माध्यम से अपना राजनीतिक संदेश देती रही हैं। हालांकि, हाल के दिनों में वह धीरे-धीरे राजनीतिक मंचों पर सक्रिय हुई हैं। ममता बनर्जी ने 21 जुलाई के शहीद दिवस और तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया था। इन कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की थी। श्रीरामपुर में प्रस्तावित मार्च को जमीनी स्तर पर पार्टी समर्थकों को फिर से एकजुट करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

इस कानूनी लड़ाई की अगुवाई पूर्व विधायक असित मजूमदार कर रहे हैं। उन्होंने अनुमति नहीं मिलने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। दूसरी ओर, राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते ममता बनर्जी रैली करने के लिए स्वतंत्र हैं। अब सभी की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर है। अदालत के फैसले से 11 सितंबर को होने वाले श्रीरामपुर मार्च का भविष्य तय होगा।

Updated on:
08 Sept 2026 04:14 pm
Published on:
08 Sept 2026 04:14 pm
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