
पार्टी नेताओं को दिया द्रौपदी मुर्मु पर हमला न करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धरने का तीसरा दिन
कोलकाता. धर्मतल्ला स्थित मेट्रो चैनल पर एसआइआर प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना तीसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। इस दिन उन्होंने जहां घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों का विरोध दर्ज कराया। वहीं दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के खिलाफ कोई बयान न देने का निर्देश दिया। उन्होंने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया कि इस मामले में केवल वही प्रतिक्रिया देंगी। मुख्यमंत्री ममता ने भाजपा पर जोरदार हमला करते हुए कहा है कि आज जो स्थिति बन रही है, वह अभूतपूर्व, अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और इस गणराज्य की लोकतांत्रिक नींव पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की एक राष्ट्र, एक नेता, एक पार्टी की भावना के तहत हर लोकतांत्रिक संस्था और संवैधानिक पद को अपने स्वयं के जनविरोधी एजेंडे के लिए हथियार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से भाजपा ने केंद्र की एजेंसियों, राष्ट्रीय आयोगों, सहायक मीडिया और न्यायपालिका के कुछ सहयोगी हिस्सों का इस्तेमाल बंगाल के खिलाफ किया है।
मेरी प्राथमिकता हमेशा लोगों की रही है
चुनावी मतदाता सूची से वैध मतदाताओं को हटाने के लिए निर्वाचन आयोग का दुरुपयोग करने का भाजपा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, 'वे चाहते हैं कि बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान को अपने पार्टी के मैनिफेस्टो से बदल दिया जाए। धर्मतल्ला में हमारा धरना बंगाल के खिलाफ हर उस एजेंडे का जवाब है, जो राज्य के लोगों को अपमानित, डराने और सताने की कोशिश करता है। भाजपा की प्राथमिकता केवल सत्ता है। मेरी प्राथमिकता हमेशा लोगों की रही है। दिल्ली के ये ज़मिंदार कभी इस महान भूमि को दबाने में सफल नहीं होंगे। ममता बनर्जी ने याद दिलाया कि बंगाल ने कभी उपनिवेशी शासनों की बेड़ियों को तोड़ा था और अब भाजपा का पतन सुनिश्चित करने के लिए फिर से उठ खड़ा होगा।
अपमान करने के आरोप पर प्रतिक्रिया दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तृणमूल सरकार की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हालिया सिलीगुड़ी दौरे के दौरान अपमान करने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए धरना मंच पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक तस्वीर दिखाई। तस्वीर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के साथ खड़ी नजर आती हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुर्सी पर बैठे दिखाई देते हैं। ममता ने तस्वीर दिखाते हुए कहा कि तस्वीर को ध्यान से देखा जाए। राष्ट्रपति खड़ी हैं और प्रधानमंत्री बैठे हुए हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि अपमान कौन कर रहा है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री ने 12 घंटे के भीतर दो बार पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति को उचित सम्मान न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तृणमूल सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हालिया सिलीगुड़ी दौरे के दौरान उनका अपमान किया।