पहले चरण में जहां भाजपा ने उत्तर बंगाल में अपनी जीत को बरकरार रखने की कोशिश की थी, वहीं इसके विपरीत अंतिम चरण में लड़ाई पूरी तरह से तृणमूल कांग्रेस के सबसे मजबूत गढ़ तक सिमटी रही। सत्तारूढ़ पार्टी ने 2021 में इन 142 सीट में से 123 सीट जीती थीं और भाजपा ने केवल 18 तथा आईएसएफ ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी।
अब 4 मई को मतगणना के बाद साफ होगा कि सत्ता-विरोधी लहर और मतदाता सूची में संशोधन से राज्य सचिवालय, नवान्न में सत्ता के समीकरण में कोई बदलाव आएगा या नहीं। टीएमसी ने मतदान को इस बात का प्रमाण माना कि उसकी कल्याणकारी नीतियां और ममता बनर्जी की दक्षिण बंगाल पर पकड़ बरकरार है। इसके विपरीत, भाजपा ने इसे इस बात का संकेत माना कि कथित भ्रष्टाचार, भर्ती घोटालों, कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं और सत्ता विरोधी लहर को लेकर लोगों का गुस्सा सत्तारूढ़ दल के खिलाफ एक मौन लामबंदी में तब्दील हो गया है। पहले चरण में जहां भाजपा ने उत्तर बंगाल में अपनी जीत को बरकरार रखने की कोशिश की थी, वहीं इसके विपरीत अंतिम चरण में लड़ाई पूरी तरह से तृणमूल कांग्रेस के सबसे मजबूत गढ़ तक सिमटी रही। सत्तारूढ़ पार्टी ने 2021 में इन 142 सीट में से 123 सीट जीती थीं और भाजपा ने केवल 18 तथा आईएसएफ ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में शाम 6 बजे तक 3.21 करोड़ मतदाताओं में से 92.67 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान के अंतिम आंकड़े पहले चरण में देखी गई रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत भागीदारी के करीब पहुंच सकते हैं या उसे पार कर सकते हैं। कोलकाता के भवानीपुर और दक्षिण 24 परगना के बासंती से लेकर नदिया के छपरा और हावड़ा के बाली तक, दिन भर बंगाल के जाने-माने चुनावी परिदृश्य के अनुरूप ही माहौल छाया रहा। मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें, बूथ स्तर पर झड़पें और राजनीतिक खींचतान देखी गई। एक निर्वाचन अधिकारी ने कहा, कुछ इलाकों में मामूली घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। हमने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। इस चरण में सीएम ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी समेत 1448 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत ईवीएम में कैद हो गई।
शाम 6 बजे तक पश्चिम बंगाल में 92.67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पूर्व बर्धमान में सबसे अधिक 93.83 प्रतिशत मतदान हुआ, उसके बाद हुगली में 91.98 प्रतिशत और नदिया में 92.14 मतदान दर्ज किया गया। हावड़ा में 92.59 प्रतिशत जबकि उत्तर 24 परगना में 92.92 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कोलकाता उत्तर और कोलकाता दक्षिण में मतदान प्रतिशत क्रमश: 89.36 प्रतिशत और 87.84 प्रतिशत दर्ज किया गया। राजनीतिक रूप से अहम जिला दक्षिण 24 परगना में 93.48 प्रतिशत मतदान हुआ, जहां से कई रसूखदार उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
सबसे बड़ी चुनावी लड़ाई भवानीपुर सीट पर देखी गई। क्षेत्र में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के शुभेंदु अधिकारी एक ही बूथ क्षेत्र में पहुंचे और दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। नदिया जिले के छपरा में एक चुनावी अभ्यास के दौरान एक बूथ के अंदर भाजपा के एक मतदान एजेंट पर कथित तौर पर हमला किया गया। भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर उसके एजेंट पर हमला करने का आरोप लगाया, जबकि सत्तारूढ़ पार्टी ने इस आरोप से इनकार किया। शांतिपुर में भाजपा के एक कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना हुई। पानीहाटी में भाजपा उम्मीदवार एवं आरजी कर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को विरोध का सामना करना पड़ा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उनकी कार रोक दी।