कोलकाता

डानकुनी–सूरत मालवाहक गलियारे के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू

Feb 13, 2026
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को रणनीतिक महत्व के गलियारे को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया

कोलकाता. रेलवे बोर्ड ने डानकुनी–सूरत मालवाहक गलियारे के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। इस परियोजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2026 में की गई थी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को इस रणनीतिक महत्व के गलियारे को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया है। प्रस्तावित नया कॉरिडोर लगभग 2,100 किलोमीटर लंबा होगा और डानकुनी से सूरत तक चलेगा। यह पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात से होकर गुजरेगा। परियोजना से पूर्वी और पश्चिमी भारत के बीच माल परिवहन तेज और कुशल होगा, मालगाड़ियों का यात्रा समय घटेगा और मौजूदा रेल मार्गों पर भीड़ कम होगी।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को नवीनतम तकनीकी मानकों को तुरंत अंतिम रूप देने का निर्देश दिया गया है। इसमें उच्च क्षमता वाली विद्युतीकरण प्रणाली, शून्य लेवल क्रॉसिंग और कवच जैसी उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली शामिल होगी, जिससे सुरक्षा और क्षमता दोनों बढ़ेंगी।
डानकुनी–सूरत कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अद्यतन किया जाएगा, जिसमें नवीनतम लागत अनुमान और संशोधित समयसीमा शामिल होगी। परियोजना को विभिन्न हिस्सों में विभाजित कर एक साथ और शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रगति की निगरानी करने के लिए प्रत्येक क्षेत्र के लिए समर्पित कोर टीमों का गठन कर उन्हें मौके पर तैनात किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने सभी पूर्व-निर्माण गतिविधियों की पहचान कर उन्हें तेजी से पूरा करने और अनुबंध दस्तावेजों की तैयारी एक साथ शुरू करने का निर्देश दिया है। परियोजना के लिए आवश्यक जनशक्ति का आकलन भी किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड को साप्ताहिक आधार पर कार्रवाई, प्रगति और आवश्यक सहयोग की जानकारी भी दी जाएगी।

मुर्शिदाबाद जिले के नशिपुर में नया यात्री ठहराव (हॉल्ट) बनाने की मंजूरी

रेलवे बोर्ड ने मुर्शिदाबाद जिले के नशिपुर में नया यात्री ठहराव (हॉल्ट) बनाने की भी मंजूरी दी है। इस निर्णय से लंबे समय से चली आ रही भौगोलिक और प्रशासनिक समस्या का समाधान होगा। आजीमगंज और नशिपुर, जो एक ही जिले में स्थित हैं, भागीरथी नदी से अलग होने के कारण अब तक कार्यात्मक रूप से जुड़े नहीं थे। नया ठहराव स्थानीय लोगों के लिए केवल स्टेशन नहीं, बल्कि जिले के दोनों हिस्सों को जोड़ने वाली कड़ी साबित होगा। इस प्रस्ताव का मुख्य लाभ हावड़ा और सियालदह डिवीजनों का सीधा समन्वय है। अब नशिपुर के निवासी सीधे हावड़ा नेटवर्क से जुड़ सकेंगे और हावड़ा डिवीजन के यात्री बिना लंबी कोलकाता यात्रा किए मुर्शिदाबाद पहुंच सकेंगे। आजीमगंज और नशिपुर के बीच अब तक नाव और धीमी फेरी सेवाओं पर निर्भरता थी। नया स्टेशन कृष्णनगर–लालगोला सेक्शन पर स्थित होगा और नदी पार करने की लंबी प्रक्रिया को तेज रेल यात्रा में बदल देगा। दोनों तट कृषि उत्पादन में समृद्ध हैं। नया ठहराव किसानों को बाजार तक शीघ्र पहुंचने में मदद करेगा और चिकित्सा महाविद्यालयों तक पहुंच भी आसान बनाएगा। नशिपुर हॉल्ट मुर्शिदाबाद और जियागंज के बीच स्थित होगा और नशिपुर पुल का उपयोग करने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को भी लाभ देगा। इससे स्थानीय यात्रियों को दूरस्थ स्टेशनों तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। रेलवे बोर्ड का यह निर्णय केवल सुविधा नहीं, बल्कि राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक धारा है।

Updated on:
13 Feb 2026 01:46 pm
Published on:
13 Feb 2026 01:46 pm