कोलकाता

सच को उजागर करते थे सुरेन्द्र प्रताप सिंह

75वीं जयंती पर संगोष्ठी, राजस्थान सूचना केंद्र में पश्चिम बंग हिंदी भाषी समाज का आयोजन, कोलकाता से रहा गहरा नाता
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Updated: 8 Dec 2023, 3:34 PM IST
सच को उजागर करते थे सुरेन्द्र प्रताप सिंह
सच को उजागर करते थे सुरेन्द्र प्रताप सिंह

कोलकाता. हिंदी पत्रकारिता में इतिहास रचनेवाले मशहूर पत्रकार सुरेन्द्र प्रताप सिंह सच को उजागर करते थे। वे ताउम्र होटल कल्चर से दूर रहे। सत्ता पक्ष की खामियों को उजागर करते हुए कभी भी नीतियों, आदर्शों से समझौता नहीं किया। राजस्थान सूचना केंद्र में पश्चिम बंग हिंदी भाषी समाज की ओर से सोमवार को उनकी 75वीं जयंती पर संगोष्ठी में वक्ताओं ने यह बात कही। सुरेन्द्र प्रताप सिंह का महत्व विषय पर संगोष्ठी की अध्यक्षता पश्चिम बंग हिंदी भाषी समाज के कार्यकारी अध्यक्ष फैयाज अहमद खान ने की। कोलकाता प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष राज मिठौलिया ने कहा कि वे लीक से हटकर पत्रकारिता करनेवाले संपादक थे। रविवार में सत्ता की खामियों को वे प्रकाशित करते थे। कोलकाता से उनका गहरा नाता रहा। कलकत्ता विश्वविद्यालय से उन्होंने एमए किया और काफी समय तक यहीं पत्रकारिता की।

सुरेन्द्र प्रताप की पत्रकारिता पर बोलना सूरज को दीया दिखाना

राजस्थान पत्रिका कोलकाता के संपादक विनीत शर्मा ने कहा कि सुरेन्द्र प्रताप सिंह की पत्रकारिता पर बोलना सूरज को दीया दिखाना है। आज सच की व्याख्या की जा रही है जबकि वे सच को दिखाते थे।आज सच को बचाए रखने की जरूरत है। उनके कार्यक्रम आज तक को देखने के लिए लोग शादियों में जाने का समय बदल देते थे। उनकी जगह आज तक कोई नहीं ले सका है। पत्रकार और कथाकार अनवर हुसैन ने कहा कि वे रिपोर्टर को पूरा महत्व देते थे।

वे जन पक्षधरता की पत्रकारिता करते थे

राजस्थान सूचना केन्द्र के सहायक निदेशक हिंगलाज दान रतनू ने राजस्थानी डिंगल कविता में सुरेन्द्र प्रताप सिंह के महत्व को बताते हुए श्रद्धांजलि दी। कवि पत्रकार शिव शारदा, पत्रकार विमल शर्मा और नाट्य निर्देशक केशव भट्टड़ ने सुरेन्द्र प्रताप सिंह के महत्व को याद किया। खान ने कहा कि सुरेन्द्र प्रताप सिंह गाजीपुर की धरतीपुत्र थे जिसने शहीद अब्दुल हमीद और राही मासूम रज़ा को पैदा किया। सुरेन्द्र प्रताप सिंह डरते नहीं थे,लालच नहीं था।आज की कॉर्पोरेट पत्रिका का मुख्य काम मुनाफा कमाना है जबकि सुरेन्द्र प्रताप सिंह जन पक्षधरता की पत्रकारिता करते थे। आज की पत्रकारिता माफिया को समाज सुधारक बना रही है। सच लिखने वाले पत्रकार को यूपीए धारा में जेल में बंद कर दिया जा रहा है। समाज जब तक जागरूक नहीं होगा, स्थिति में बदलाव नहीं होगा। अशोक सिंह ने संचालन और संयोजक राजीव पांडेय ने आभार व्यक्त किया।

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