
कोलकाता. उत्तर २४ परगना के देगंगा इलाके में बीते २४ घंटे के दौरान डेंगू पीडि़त दो महिलाओं के मारे जाने की खबर है। इस साल की जनवरी से अब तक इलाके में डेंगू से मारे जाने वालों की संख्या १३ तक पहुंच गई है। इलाके के 250 लोग इस जानलेवा बीमारी के पीडि़त बताए जा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके में मेडिकल टीम तैनात की गई है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी नजर रखे हुए हैं।
इधर, सोमवार की रात देगंगा निवासी आएफा बीबी (35)व रााबिया बीबी (65)की मौत हो गई। दोनों पिछले कई दिनों से बीमार थीं। सोमवार की सुबह दोनों को कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोनों की मौत की खबर पाकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि ग्राम में स्वास्थ्य देने में सरकार असफल रही है। देंगगा के चांपातल्ला पंचायत के एम चांदपुर गांव में जनवरी से अब तक 13 लोग डेंगू से मारे जा चुके हैं। वहीं ४८ घंटे में हुई तीन मौतों से ग्रामवासी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार से नाराज है।
वहीं सोमवार इलाके में दो लोगों की मौत के बाद बीडीओ देवव्रत साव ने इलाके का निरीक्षण किया। मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इलाके में साफ- सफाई का निर्देश दिया। निर्देश पर अमल करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अमले ने प्रभावित इलाके में ब्लीचिंग का छिडक़ाव किया। मच्छरभक्षी मछलियां डाली गईं, केरोसीन स्प्रे का छिडक़ाव किया गया। देगंगा के साथ ही हाबरा इलाके में भी कई लोग डेंगू से बीमार है। इलाके के १8 लोग इस जानलेवा रोग से पीडि़त होकर अस्पताल में भर्ती है। हाबरा में डेंगू के साथ अज्ञात ज्वर का प्रकोप भी बढ़ गया है।
हाबरा अस्पताल का निरीक्षण
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक संघमित्रा घोष व राज्य स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. विश्वरंजन सतपती ने विशेष टीम के साथ हाबरा जिला अस्पताल का दौरा किया। अस्पताल में रोग परीक्षण काउंटर शुरू किया गया। चार चिकित्सकों की टीम भी अस्पताल में तैनात की गई है।
अज्ञात ज्वर से महिला की मौत
हाबरा में अज्ञात ज्वर का कहर जारी है। मंगलवार को अज्ञात ज्वर से एक महिला की मौत हो गई। मृतका का नाम शम्पा मंडल है। वह कुमड़ो पंचायत क्षेत्र की रहने वाली थी। हाबरा में अज्ञात ज्वर से अब तक पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि 300 से अधिक लोग बीमार हैं। शम्पा पिछले कई दिनों से ज्वर से पीडि़त थी।
गुरुवार को तबीयत बिगडऩे पर उसे हाबरा अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। गंभीर स्थिति होने पर रविवार को बारासात अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। इस घटना से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अज्ञात ज्वर से लोग मारे जा रहे हैं जबकि इलाके में ना तो कोई मेडिकल कैम्प है न ही साफ सफाई की जा रही है और न ही दवा की व्यवस्था है।