
कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) नियुक्त करने का फैसला किया हैं। एक अधिकारी ने बताया कि वह मनोज मालवीय की जगह लेंगे जो बुधवार को सेवानिवृत्त हो गए, अब उन्हें अगले तीन साल के लिए पुलिस सलाहकार नियुक्त किया गया है।
आपको बता दें ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले राजीव कुमार पर सीबीआई ने एसआईटी की अगुवाई करते हुए शारदा घोटाले की जांच के दौरान सबूतों को दबाने और छुपाने का आरोप लगाया था। घोटाले की छानबीन करने के लिए राज्य सरकार ने ही एसआईटी गठित की थी। बरहराल अभी कुमार कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर ही काम करेंगे।
कुमार के लिए ममता भी बैठी धरने पर
गौरतलब हैं कि शारदा घोटाला 2013 में सामने आया था जहाँ शारदा चिट फंड में निवेश करने वाले बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से तबाह हो गए थे। उस समय राज्य में ममता बनर्जी की सरकार थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। फरवरी 2019 को जब सीबीआई की टीम घोटाले से संबंध में पूछताछ करने के लिए तत्कालीन पुलिस कमिश्नर कुमार के घर गई थी तो सुरक्षा कर्मियों ने सीबीआई अधिकारियों को अंदर जाने से रोका और मुख्यमंत्री बनर्जी भाजपा नीत केंद्र सरकार पर विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गई थीं।
कुमार को डीजीपी बनाने से पक्ष-विपक्ष में बयानबाजी तेज
राज्य सरकार द्वारा कुमार को डीजीपी बनाए जाने से राज्य की सियासत गरमा गई हैं। शारदा चिटफंड मामले में कुमार द्वारा गिरफ्तार किए गए टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, “वह बहुत अच्छे अधिकारी हैं। पिछले कुछ वर्षों में कुछ अप्रिय घटनाएं घटी हैं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि जैसे मुझे किसी के इशारे पर झूठे मामलों में फंसाया गया, वैसे ही किसी और निर्दोष को झूठे मामलों में नहीं फंसाया जाएगा। अगर आप (कुमार) ऐसा काम करेंगे तो भगवान आपको माफ नहीं करेंगे। ” वहीं, वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि मुख्यमंत्री बनर्जी कोई गलत काम नहीं कर सकती हैं। बनर्जी के पास ही गृह विभाग प्रभार भी है।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि शारदा चिटफंड घोटाले में कुमार की भूमिका के लिए उन्हें पुरस्कार स्वरूप यह नियुक्ति दी गई है। हम सभी जानते हैं कि शारदा चिटफंड घोटाले के दौरान राजीव कुमार ने क्या भूमिका निभाई है। कैसे जांच में इस तरह से छेड़छाड़ की गई कि टीएमसी नेता बच जाएं... आज राजीव कुमार को इसके लिए पुरस्कृत किया गया है।
दूसरी ओर माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने कुमार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग में प्रधान सचिव से डीजीपी बनाने पर सवाल उठाया और घोटाले में उनकी भूमिका को संदिग्ध बताया।