वैश्विक महामारी कोरोना अब पश्चिम बंगाल सरकार के लिए ब्रांडिंग का हथियार बन गया है। राज्य सरकार एक तीर से दो निशान करने जा रही है।
कोलकाता.
वैश्विक महामारी कोरोना अब पश्चिम बंगाल सरकार के लिए ब्रांडिंग का हथियार बन गया है। राज्य सरकार एक तीर से दो निशान करने जा रही है। एक तरफ कोरोना प्रतिरोध दूसरी ओर प्रचार करना है। सरकारी स्तर पर तैयार होने वाले उक्त मास्क का नामकरण खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया है। ‘बांग्ला आमार मां’(बंगाल हमारी मां) नामक मास्क के नीचे छोटे अक्षरों में पश्चिम बंगाल लिखा होगा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दौर में चेहरे पर मास्क लगाना अनिवार्य हो गया है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने मास्क को राज्य की ब्रांडिंग के रूप में अपनाने का निर्णय लिया है।
सूत्रों ने बताया कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मास्क का कैचलाइन लिखी हैं। राज्य सरकार की पहल पर सम्पूर्ण सूती (कॉटन) के कपड़े से तैयार त्रिस्तरीय मास्क पर ‘बांग्ला आमार मां’ (बंगाल हमारी मां) लिखा होगा और नीचे छोटे अक्षरों में पश्चिम बंगाल लिखा होगा। राज्य के नागरिकों तक इसे पहुंचाने का दायित्व विश्व बांग्ला मार्केटिंग कॉरपोरेशन को सौंपा गया है।
सूत्रों ने बताया कि दो अलग-अलग साइज के करीब 6 लाख मास्क तैयार करने का ऑर्डर दिया गया है। इसे राज्य के मंत्रियों, नेताओं से लेकर सरकारी अफसरों और पुलिसकर्मियों के अलावा आमलोगों के हाथों में उक्त मास्क पहुंचाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि गत मार्च के अंतिम सप्ताह से ही राज्य में महामारी का आतंक फैलने लगा था। सुरक्षा के दृष्टिकोण से चेहर पर मास्क लगाना तथा हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल आमलोगों के लिए बाध्यता कर दी गई। वर्तमान में अप्रत्याशित रूप से महामारी के बढ़ते संक्रमण के दौर में मास्क का इस्तेमाल की बाध्यता कर दी गई है।