कोलकाता

देशभर में जैन संतों को न्याय और सुरक्षा मिले: सकल जैन समाज

एक नेशनल संत सेफ्टी पॉलिसी, पैदल यात्रा करने वाले साधुओं के लिए एक जैसे एसओपी, रीवा घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी और डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने, जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा देने और जैन संगठनों के साथ सलाह करके इमरजेंसी कोऑर्डिनेशन सिस्टम बनाने की भी मांग की है
2 min read
• •
Updated: 28 May 2026, 7:40 PM IST
देशभर में जैन संतों को न्याय और सुरक्षा मिले: सकल जैन समाज
देशभर में जैन संतों को न्याय और सुरक्षा मिले: सकल जैन समाज

मध्य प्रदेश के रीवा में हाल ही में सड़क हादसे में दो जैन आर्यिका माता की हुई दुखद मौत से परेशान कोलकाता के सकल जैन समाज ने इस घटना को साजिश करार दिया है। समाज ने देश भर के जैन संतों और तपस्वियों के लिए न्याय, जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस मामले में गुरुवार को कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में विनोद कुमार काला, जितेन्द्र काला, कमल नयन जैन, अजीत सेठी, अमित कोठारी, महेंद्र पाटनी, कमल दुगड़, रतन दुगड़, संजय जैन और समाज के लोग शामिल हुए।

सड़क हादसे में दो जैन आर्यिका माता की मौत की घटना को साजिश बताया

जैन समुदाय ने जैन संतों और साध्वियों पर बार-बार होने वाली इस तरह की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है, जो विहार के दौरान सिर्फ पैदल यात्रा करते हुए शांति, अहिंसा, तपस्या, करुणा और आध्यात्मिक उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं। समुदाय का मानना है कि रीवा की घटना ने जैन तपस्वियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं और इसे सिर्फ एक सड़क हादसा कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। सकल जैन समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्ट, वीडियो और आसपास के हालात ने पूरे भारत में जैन लोगों में बड़े पैमाने पर डर और बेचैनी पैदा कर दी है। इसलिए संगठन ने इस घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी और हाई-लेवल जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से सुबह 7:30 बजे से रैली

जैन संतों और साध्वियों पर बार-बार हो रही घटनाओं के खिलाफ दुख, एकजुटता और शांतिपूर्ण विरोध जताने के लिए, कोलकाता के सकल जैन समाज ने शनिवार, 30 मई को सुबह 7:30 बजे श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, 1 बायसैक लेन, कोलकाता से साइलेंट रैली निकालने का फैसला किया। यह रैली कलाकार स्ट्रीट, महात्मा गांधी रोड, ब्रेबोर्न रोड, टी बोर्ड, एज्रा स्ट्रीट, बेंटिंक स्ट्रीट और धर्मतल्ला से होते हुए मेट्रो चैनल, एस्प्लेनेड पर खत्म होगी, जहां समुदाय की तरफ से वरिष्ठ अधिकारी व सदस्य लोगों को संबोधित करेंगे। इसके बाद एक प्रतिनिधि मंडल पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को तुरंत दखल देने की मांग करते हुए राजभवन जाएगा।

सरकार से समाज की ये मांगें

हादसे में 150 से ज्यादा जैन संतों और साध्वियों की मौत का दावा करते हुए कोलकाता में सकल जैन समाज ने केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों से आग्रह किया है, कि वे विहार करने वाले जैन संतों और साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत संत सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाएं और लागू करें, जिसमें पुलिस कोऑर्डिनेशन, ट्रैफिक रेगुलेशन, हाईवे सेफ्टी सपोर्ट, चेतावनी साइनेज और रूट प्रोटेक्शन शामिल हो। इसने एक नेशनल संत सेफ्टी पॉलिसी, पैदल यात्रा करने वाले साधुओं के लिए एक जैसे एसओपी, रीवा घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी और डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने, जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा देने और जैन संगठनों के साथ सलाह करके इमरजेंसी कोऑर्डिनेशन सिस्टम बनाने की भी मांग की है

Updated on:
28 May 2026, 7:40 PM IST
Published on:
Also Read
View All
बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान 7 साल की बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप, 52 साल का व्यक्ति POCSO एक्ट में गिरफ्तार

कोलकाता पंडाल हादसा: हाई कोर्ट का जांच की निगरानी से इनकार, रिटायर्ड जज से जांच करा सकती है राज्य सरकार

Bangladesh India Relations: बांग्लादेश से बंगाल तक साजिश के नेटवर्क का दावा, दिलीप घोष ने विदेशी फंडिंग पर उठाए सवाल

बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी का आरोप- भारत में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करने की कोशिश कर रहे कम्युनिस्ट और ‘कॉकरोच’

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद प्रशासन हुआ सख्त, जारी की नई गाइडलाइन; जानें क्या-क्या किया अनिवार्य