
भाजपा सरकार ने एक बार दोहराया कि सरकार टाटा समूह तथा बड़े उद्योग को पश्चिम बंगाल में वापस लाएगी। राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार पिछली सरकार की गलतियों को दोहराए बिना निवेश आकर्षित करेगी और रोजगार पैदा करेगी जिनके कारण सिंगूर एवं नंदीग्राम आंदोलन हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पिछली वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस सरकारों ने औद्योगीकरण के नाम पर या तो जमीन का जबरन अधिग्रहण किया या केवल फोटो खिंचवाए।
केंद्र में भाजपा नीत सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश भाजपा द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुवेंदु ने पश्चिम बंगाल की औद्योगिक स्थिति को फिर से मजबूत करने का वादा किया। उन्होंने टाटा समूह की उस छोटी कार परियोजना का उल्लेख करते हुए यह बात कही जिसे लंबे समय तक चले भूमि अधिग्रहण विवाद के बाद 2008 में हुगली जिले के सिंगूर से गुजरात स्थानांतरित कर दिया गया था। सीएम ने आरोप लगाया कि पूर्व तृणमूल सरकार ने कई वर्षों तक औद्योगिक पुनरुद्धार के दावे तो किए, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हम पिछली सरकार की तरह उद्योगों को आकर्षित करने के लिए झूठ का सहारा नहीं लेना चाहते और न ही फोटो सेशन आयोजित करना चाहते हैं।
सुवेंदु ने भूमि अधिग्रहण के विवादास्पद मुद्दे पर कहा कि सरकार भूमि अधिग्रहण नीति की रूपरेखा तैयार कर रही है लेकिन औद्योगिक विकास किसानों के अधिकारों की कीमत पर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, सरकार अपनी भूमि अधिग्रहण नीति पर काम कर रही है। हम उस जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हैं, जैसा पूर्ववर्ती वाम मोर्चा शासन के दौरान सिंगूर और नंदीग्राम में हुआ था। साथ ही, हम तृणमूल कांग्रेस की उस नीति के भी खिलाफ हैं, जिसमें उद्योग लाने के नाम पर केवल फोटो खिंचवाए गए, झूठ फैलाया गया और हकीकत में कुछ नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार औद्योगिक विकास और लोगों की सहमति, दोनों को ध्यान में रखते हुए संतुलित रुख अपनाएगी। हमारी सरकार सहमति आधारित विकास मॉडल पर काम करेगी, जिसमें किसानों के हितों की रक्षा करते हुए निवेश और उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार विकास तथा सुशासन को प्राथमिकता देगी। राज्य को फिर से औद्योगिक निवेश और रोजगार का केंद्र बनाया जाएगा। तोड़फोड़ करने वालों और कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुवेंदु ने कहा कि उनकी सरकार असामाजिक तत्वों को जनजीवन बाधित करने की अनुमति नहीं देगी। सिंगूर में टाटा मोटर्स की छोटी कार परियोजना पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक रही है। ममता बनर्जी ने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन किया था। आंदोलन ने तृणमूल कांग्रेस को सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसी के साथ 2011 में वाम मोर्चा के 34 साल के शासन का अंत हुआ था।
सीएम ने दावा किया कि भाजपा सरकार राज्य में निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करेगी और सामान्य जनजीवन को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीति अशांति, गुंडागर्दी और असामाजिक गतिविधियों को कतई बर्दाश्त न करने की है और वह ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। मुख्यमंत्री ने कहा, सत्ता में आने के बाद कुछ घटनाएं हुई हैं और हमने उनसे सख्ती से निपटा है। हमने स्पष्ट संदेश दिया है कि हमारी नीति अशांति, गुंडागर्दी और असामाजिक गतिविधियों को कतई बर्दाश्त न करने की है। हम ऐसी चीजों को जारी नहीं रहने देंगे।