कोलकाता

फलता हिंसा पर सीएम सुवेंदु अधिकारी सख्त, आरोपियों पर राजद्रोह जैसी धाराएं लगाने के निर्देश

क्षेत्र के लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति या अपराधी क्यों न हो, राज्य सरकार उसे कानून का पालन करना सिखाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का शासन स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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Jun 17, 2026
फलता हिंसा पर सीएम सुवेंदु अधिकारी सख्त, आरोपियों पर राजद्रोह जैसी धाराएं लगाने के निर्देश
फलता हिंसा पर सीएम सुवेंदु अधिकारी सख्त, आरोपियों पर राजद्रोह जैसी धाराएं लगाने के निर्देश

दक्षिण 24 परगना जिले के फलता क्षेत्र में मंगलवार को हुई हिंसक घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत राजद्रोह से संबंधित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य में कानून का शासन स्थापित किया जा चुका है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बोले, जहांगीर को छुड़ाने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी

बुधवार को फलता में आयोजित जनकल्याण शिविर में मुख्यमंत्री ने मंगलवार की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने टेलीविजन पर देखा कि एक कथित माफिया की पत्नी के नेतृत्व में कुछ लोगों ने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों पर हमला करने का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या उग्र गतिविधि को सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। जहांगीर को छुड़ाने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने जिला पुलिस अधीक्षक को निर्देश देते हुए कहा कि घटना के वीडियो फुटेज में दिखाई देने वाले सभी व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि फलता में अब कानून का शासन स्थापित हो चुका है और क्षेत्र के लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति या अपराधी क्यों न हो, राज्य सरकार उसे कानून का पालन करना सिखाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का शासन स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आरोपियों की संपत्ति जब्त कर नीलाम करने जैसे कदम संभव

सीएम चेतावनी दी कि पुलिस, सरकारी कर्मचारियों और केंद्रीय बलों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आरोपियों की संपत्ति जब्त कर नीलाम करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी तंत्र पर हमला करने का साहस न करे। मंगलवार को गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान उर्फ पुष्पा को पुलिस पूछताछ और जांच प्रक्रिया के तहत इलाके में लेकर गई थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी रिहाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि जहांगीर खान की पत्नी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने थाने का घेराव करने की कोशिश की और विभिन्न स्थानों पर रास्ता अवरोध भी किया। स्थिति तनावपूर्ण होती गई, जिसके बाद पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला। प्रशासन का दावा है कि समय रहते हस्तक्षेप किए जाने से स्थिति नियंत्रण में आ गई।

बवाल मामले में 8 आरोपी गिरफ्तार

सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो में कई लोगों को भागते हुए तथा कुछ को तालाब में कूदकर बचने की कोशिश करते हुए देखा गया। कुछ ने दावा किया है कि ये लोग पुलिस और केंद्रीय बलों की कार्रवाई से बचने के लिए भाग रहे थे। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के सिलसिले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दर्ज एफआईआर में जहांगीर की पत्नी रेजिना बीबी का नाम भी शामिल किया गया है। जहांगीर खान के खिलाफ लूटपाट, मारपीट और सरकारी योजनाओं में कथित वित्तीय अनियमितताओं सहित कई गंभीर आरोप दर्ज हैं। उन पर आवास योजना समेत विभिन्न सरकारी परियोजनाओं की धनराशि के दुरुपयोग का भी आरोप है। इन मामलों की जांच के दौरान राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उन्हें उत्तर बंगाल के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। अदालत के आदेश पर वह फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।

Published on:
17 Jun 2026 09:05 pm