
राज्य की इस सरकार ने राज्य में धमकाने की संस्कृति और भ्रष्टाचार के गिरोहों को खत्म करने का संकल्प लिया है। राज्य के राज्यपाल आरएन रवि ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में गुरुवार को बताया और कानून-व्यवस्था, सीमा सुरक्षा, औद्योगिक विकास एवं कल्याणकारी कदमों को प्रमुखता से रेखांकित किया। भाजपा के मई में सत्ता संभालने के बाद नवगठित विधानसभा के पहले सत्र में परंपरागत अभिभाषण देते हुए उन्होंने कहा कि नई सरकार ने उन असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है जिन्हें पिछली सरकार का संरक्षण प्राप्त था।
गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की नई सरकार ने पिछली सरकार के कथित संरक्षण वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। सरकार अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रही है। रवि ने कहा कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान की जा रही है, उन्हें देश से बाहर भेजने के लिए कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सीमा सुरक्षा सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी। राज्यपाल ने सीमा संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भूमि उपलब्ध कराने के राज्य सरकार के फैसले की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कदम से पश्चिम बंगाल से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। राज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में घुसपैठ के कारण कुछ इलाकों की जनसांख्यिकी में बदलाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नई सरकार घुसपैठ रोकने के लिए सराहनीय काम कर रही है।
रवि ने कहा कि सरकार धमकाने की संस्कृति और भ्रष्टाचार के गिरोहों को खत्म करेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन महिलाओं तथा कमजोर एवं वंचित वर्गों पर अत्याचार के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाएगा। राज्यपाल ने कहा कि सरकार जबरन वसूली और भ्रष्ट गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है तथा वह अवैध बालू एवं कोयला खनन पर रोक लगाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के लोगों के सामने मौजूद चुनौतियों से पूरी तरह अवगत है और पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन के जरिये उनका समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के लिए भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जहां अभी तक तारबंदी नहीं हुई थी, वहां बाड़ लगाने का काम शुरू हो चुका है। नई सरकार किसी भी कीमत पर सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने और घुसपैठ रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्यपाल ने राज्य को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में पेश करते हुए कहा कि सरकार पश्चिम बंगाल को उद्योगों के अनुकूल बनाने और रोजगार एवं आर्थिक विकास के अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना की। राज्यपाल ने मौजूदा पुलिस प्रशासन की भी प्रशंसा की और कहा कि वह लंबे समय से भ्रष्टाचार और वसूली में शामिल तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि नई राज्य सरकार ने उन असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन्हें पिछली सरकार में संरक्षण मिला हुआ था। राज्यपाल ने अपने भाषण में कोलकाता मेट्रो रेलवे जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पिछली तृणमूल कांग्रेस की कथित ढिलाई की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कोलकाता मेट्रो का विस्तार कार्य लंबे समय तक रोक कर रखा गया था, जिसे अब नई सरकार ने शुरू कर दिया है।
विधानसभा सत्र की दिशा तय करने वाला राज्यपाल का यह अभिभाषण ऐसे समय हुआ है जब भाजपा ने कुछ सप्ताह पहले राज्य में तृणमूल के 15 साल के शासन का अंत कर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य में अपनी पहली सरकार बनाई है। पश्चिम बंगाल में बजट सत्र 18 जून से शुरू होकर 25 जून तक चलेगा। राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता 22 जून को वित्त वर्ष 2026-27 का पूर्ण राज्य बजट विधानसभा में पेश करेंगे। 5 फरवरी को तत्कालीन वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विधानसभा में अंतरिम बजट (वोट ऑन अकाउंट) प्रस्तुत किया था। विधानसभा चुनाव अप्रैल में होने के कारण पूर्ण बजट पेश नहीं किया जा सका था। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित हुए और इसके बाद नई सरकार का गठन हुआ। पिछले सप्ताह वित्त विभाग का प्रभार मिलने के बाद स्वपन दासगुप्ता ने कहा था कि उनका लक्ष्य राज्य की कर राजस्व आय बढ़ाना है, लेकिन इसके लिए जनता पर अतिरिक्त कर बोझ नहीं डाला जाएगा।