लंबे समय तक राज्यपाल सीवी आनंद बोस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संबंधों में खटास बढऩे के कारण राजभवन और राज्य सचिवालय नवान्न के बीच बढ़ी दूरियां अब समाप्त होती नजर आ रही है। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के जाने के बाद अब राज्य बजट सत्र में राज्यपाल अभिभाषण देंगे।
पश्चिम बंगाल बजट सत्र आगामी 10 फरवरी से शुरू होगा और इस बार इसकी शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। पिछली बार की तरह राज्य की वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) चंद्रिमा भट्टाचार्य 12 फरवरी को राज्य बजट पेश करेंगी और बजट सत्र 19 फरवरी तक चलने की संभावना है। एक वर्ष के अंतराल के बाद फिर से बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण की परम्परा लौटने वाली है। पिछले वर्ष राज्यपाल के बिना अभिभाषण के ही राज्य बजट सत्र शुरू हुआ था।
राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने इसे उचित ठहराते हुए कहा था कि अनिश्चितकाल के लिए स्थगन के बाद ही सत्र दोबारा बुलाया गया था। इस साल विधानसभा ने राज्यपाल को औपचारिक तौर पर आमंत्रित किया है। लंबे समय तक खराब रहे राजभवन और नवान्न के संबंधों में हाल के दिनों से सुधार आ रहा है। इसकी शुरुआत पिछले साल दिसंबर में राज्यपाल की ओर से छह तृणमूल विधायकों को शपथ ग्रहण कराने के बाद दोनों पक्ष नरम पडऩे लगे थे। विधानसभा में आयोजित शपथ समारोह में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी उपस्थित थे।
दूसरी ओर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेन्दु अधिकारी ने विधानसभा की ओर से बजट सत्र में अभिभाषण देने के लिए राज्यपाल को आमंत्रित किए जाने को लेकर राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और राज्य सरकार पर तंज कसा। इस बारे में पूछे जाने पर नेता प्रतिपक्ष और वरष्ठि भाजपा नेता ने कहा कि पिछले साल बजट सत्र में राज्यपाल का अभिभाषण नहीं हुआ था। वर्ष 2024 में राज्यपाल खराब थे और वर्ष 2025 में वे अच्छे हो गए। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, ऐसी चीजें होना लाजमी है।