कोलकाता. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर नेताजी के वंशज और इतिहासकार सुगाता बोस ने नेताजी के दो दुर्लभ मूल पत्र मुख्यमंत्री को सौंपे। इन दस्तावेजों को अलीपुर संग्रहालय में सार्वजनिक प्रदर्शन हेतु सुरक्षित रखा जाएगा। नेताजी द्वारा 23 जनवरी 1926 को जेल से लिखे गए ये पत्र बसंती देवी और उनके भाई सरत चंद्र बोस को संबोधित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी की भावना आज भी अमर है। राज्य सरकार अलीपुर जेल में उनके कारावास कक्ष को पुनर्स्थापित कर और दुर्लभ पत्रों को जनता के लिए उपलब्ध कराकर उनकी क्रांतिकारी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना चाहती है। राज्य सरकार पहले ही नेताजी से जुड़ी सभी राज्य स्तरीय फाइलें सार्वजनिक कर चुकी है, लेकिन सच्चाई तभी सामने आएगी जब केन्द्र भी शेष दस्तावेज जारी करेगा। मुख्यमंत्री ममता ने केन्द्र सरकार से नेताजी से जुड़ी सभी फाइलों को तत्काल सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि आज़ादी के आठ दशक बाद भी नेताजी के 1945 के बाद लापता होने का रहस्य अनसुलझा है, जो राष्ट्र के लिए सामूहिक दुर्भाग्य है।