राज्य के उपभोक्ता संरक्षण राज्य मंत्री श्रीकांत महतो के विवादित बयान का मामला तूल पकड़ चुका है। एक ओर जहां पार्टी ने उन्हें उनके बयान पर कारण बताने को कहा है वहीं दूसरी ओर उनके बयानों से निशाने पर आए पार्टी नेताओं ने उन्हें करारा जवाब दिया है।
वीडियो वायरल, थमाया नोटिस, मांगा जवाब
बाद में श्रीकांत महतो ने वापस लिया बयान
कोलकाता/खडग़पुर. राज्य के उपभोक्ता संरक्षण राज्य मंत्री श्रीकांत महतो के विवादित बयान का मामला तूल पकड़ चुका है। एक ओर जहां पार्टी ने उन्हें उनके बयान पर कारण बताने को कहा है वहीं दूसरी ओर उनके बयानों से निशाने पर आए पार्टी नेताओं ने उन्हें करारा जवाब दिया है। पहले से ही नए बनाम पुराने के विवाद से जूझ रही तृणमूल कांग्रेस के लिए नया विवाद खड़ा हो गया है। मंत्री ने कहा है कि अगर धनराशि की लूट की घटनाएं होती हैं, तो मंत्री को जेल जाने की सलाह दी जाती है। अन्यथा, लोग मंत्रियों पर अंगुली उठाएंगे और हम सभी को चोर बताएंगे। क्या हम सभी को इसी तरह के तानों का सामना नहीं करना पड़ रहा है?मंत्री का परोक्ष तौर पर इशारा वरिष्ठ नेताओं पार्थ चटर्जी और अनुब्रत मंडल की गिरफ्तारी की ओर था।
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यह कहा था महतो ने
पश्चिम मिदनापुर जिले के सालबनी के विधायक महतो ने हाल ही में कहा था कि उमा सरेन, संध्या रॉय, मुनमुन सेन, जून माल्या, सायनी घोष, सायंतिका, मिमी चक्रवर्ती, नुसरत जहां, नेपाल सिंह, संदीप सिंह और उत्तरा सिंह जैसे तृणमूल नेता लूटपाट कर खा रहे हैं। ऐसे नेताओं को पार्टी की संपत्ति समझा जाता है। जबकि पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा ईमानदार कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। मंत्री जेल गए अच्छा हुआ नहीं तो लोग कहते कि तृणमूल कांग्रेस के नेता मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
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ज्यादा काम, कम बात करें: नुसरत
महतो के इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद तृणमूल नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बशीरहाट की सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां ने कहा कि महतो ने अपनी समझ के आधार पर यह बात कही है। पार्टी की संपत्ति कौन है? यह तय करने का अधिकार जनता का है। वे राजनीति में लोगों की सेवा करने के लिए आई हैं। उनकी टिप्पणियों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। लोगों को ज्यादा काम और कम बातेें करनी चाहिए।
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फिर ऐसी टिप्पणी नहीं करेंगे: जून मालिया
मिदनापुर विधायक व अभिनेत्री जून मालिया ने कहा कि पार्टी ने उनसे तुरंत इस बयान का कारण बताने को कहा है। महतो मंत्री हैं। उन्हें उम्मीद है कि वे दोबारा ऐसी टिप्पणी नहीं करेंगे। टीएमसी के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी उनके विचारों को स्वीकार नहीं करती। अगर श्रीकांत को कुछ कहना था, तो उन्हें पार्टी के अनुशासन और मर्यादा का पालन करना चाहिए था। वे पार्टी द्वारा लिए गए किसी भी फैसले के खिलाफ नहीं जा सकते।
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दबाव बढ़ा तो बदल लिए सुर
तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम मिदनापुर के समन्वयक अजीत मैती ने कहा कि महतो को उनके उस बयान के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बयान ने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया। पार्टी नेताओं के खिलाफ बयानबाजी कर विवादों में फंसे मंत्री श्रीकांत महतो ने दबाव बढऩे पर सुर बदल लिए। उन्होंने कहा कि पार्टी से अपनी गलती स्वीकार की है। वे भावना में बह गए थे।
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विपक्ष ने कसा तंज
विपक्षी दल भाजपा, कांग्रेस और वाममोर्चा ने तंज कसते हुए कहा कि श्रीकांत महतो ने कुछ भी गलत नहीं कहा है, पार्टी में व्याप्त शोषण और चापलूसी के दर्द को बयां कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो गत 26 अगस्त का बताया जा रहा है। महतो चाकतारणी गांव में अपने मकान के सामने पेड़ के नीचे बैठकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातें कर रहे थे। पत्रिका ने इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की है। वायरल वीडियो में अपने समर्थकों से यह कहते हुए सुने गए कि पार्टी के शीर्ष नेता खराब तत्वों को अच्छा बता रहे हैं।