क्या पुलिसवाले अब उनके इशारे पर कदमताल करना बंद कर दिए हैं ? - पश्चिम मिदनापुर जिले की प्रशासनिक बैठक में सीएम ने लगाया आरोप -विपक्ष के समर्थकों को दे रही छूट, पुलिस की दोहरी नीतियां बर्दाश्त नहीं - दिलीप घोष बोले, राज्य भर में भाजपा समर्थकों के खिलाफ करीब 28,000 मुकदमें लम्बित
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी अब अपनी ही पुलिस को कोसने में जुट गई है। उनका सीधा आरोप है कि राज्य के कुछ जिलों की पुलिस विपक्षी दलों के इशारे पर काम कर रही है। जिसका नतीजा यह है कि पुलिस Trinmul Congress के समर्थकों को चुन-चुनकर गिरफ्तार कर रही है। उन्होंने पश्चिम मिदनापुर जिले का सर्वप्रथम नाम लिया। उनका कहना है कि इस जिले में पुलिस चुन चुन कर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और विपक्षी दलों के समर्थकों को छूट दे रही है। वे पुलिस की दोहरी नीतियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। राज्य की सीएम ममता बनर्जी ने बुधवार को डेबरा में पश्चिम मिदनापुर व झाडग़्राम जिले की प्रशासनिक बैठक में पुलिस प्रशासन पर जमकर बरसी।
300 से अधिक शिकायतें उनके पास
उन्होंने कहा कि जिले में पुलिस के खिलाफ 300 से अधिक शिकायतें उनके पास है। विरोधी दल के समर्थकों के प्रति पुलिस की नरमी और तृणमूल के प्रति सख्ती बरतने के सबूत उनके पास है। पुलिस के संदर्भ में सीएम के आरोपों का प्रमुख विपक्ष कांग्रेस, वाममोर्चा और भाजपा ने तीव्र विरोध किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद दिलीप घोष ने कहा कि सीएम जो बोलती हैं राज्य में ठीक उसका उल्टा होता है।
BJP समर्थकों के खिलाफ करीब 28,000 मुकदमें लम्बित
राज्य भर में भाजपा समर्थकों के खिलाफ करीब 28,000 मुकदमें लम्बित हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्र ने सीएम के बयान को दुर्भाग्य करार देते हुए कहा कि पुलिस तृणमूल समर्थकों को परेशान कर रही है, कभी नहीं सुनी। ममता किस राज्य की बात कर रही हैं, समझ में नहीं आता। वहीं माकपा के वरिष्ठ नेता डॉ. सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि राज्य के थानों में विरोधी दल के समर्थकों से एफआईआर नहीं लेने की बात सभी जानते हैं। तृणमूल के लोगों को पुलिस पकड़ रही है, यह सीएम की मनगढ़ंत बात है।
लोक निर्माण विभाग व पुलिस विभाग पर साधा निशाना:
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रशासनिक बैठक में रास्ता-घाट की जर्जर हालत से संंबंधित 706 और पुलिस की ओर से तृणमूल समर्थकों को हैरान किए जाने संबंधी शिकायतों का जिक्र करते हुए लोक निर्माण विभाग और पुलिस प्रशासन को जमकर फटकार लगाई। मिदनापुर थाना के इंचार्ज को उन्होंने कड़ी घुंट पिलाई है। जबकि घाटाल, केशपुर, पिंग्ला, पांसकुड़ा तथा बांकुड़ा-झाडग़्राम सीमा पर स्थित झिलिमिली थाना के खिलाफ कड़ा तेवर दिखाया। ममता ने पुलिस कर्मियों को जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर काम करने की सलाह दी।
BDO के कामकाज पर जताया असंतोष:
मुख्यमंत्री ने जिले के समस्त प्रखण्ड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के कामकाज पर असंतोष प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि सरकारी आर्थिक सहायता से बनने वाले आवासों पर बांग्ला आवास योजना लिखने से परहेज किया जा रहा है। सीएम ने गांवों में आवास योजना के तहत बन रहे घरों पर बांग्ला आवास योजना लिखना अनिवार्य कहा है। ऐसा नहीं करने पर संबंधित बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।