
कोलकाता
पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र को कलंकित करने वाली एक शर्मनाक घटना सामने आई है। कांग्रेस के पक्ष में कथित तौर पर मतदान करने को लेकर एक महिला के मुंह में जबरन एसिड डाल दिया गया। अमानवीय अत्याचार की शिकार हुई माखन बीबी नामक पीडि़ता को इलाज के लिए अस्पताल मे भर्ती कराया गया है। वह जिन्दगी और मौत के बीच झूल रही है।
घटना मुर्शिदाबाद संसदीय क्षेत्र के रानीनगर इलाके की है। आरोपी कोई और नहीं बल्कि महिला के पति और ससुराल पक्ष के सदस्य हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार महिला के मायके वाले कांग्रेस पार्टी के तथा ससुराल वाले तृणमूल पार्टी के समर्थक हैं। इसको लेकर दोनों परिवारों में तनाव चल रहा था। माखन भी कांग्रेस का समर्थन कर रही थी। इसे लेकर मतदान के कुछ दिन पहले उसका ससुराल वालों से झगड़ा हुआ था। मतदान के दिन अर्थात 23 अप्रेल को माखन जब वोट डालने के लिए घर से निकली तो ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे तृणमूल उम्मीदवार के पक्ष में वोट डालने को कहा। ऐसा नहीं करने पर मारने-पीटने की धमकी दी, लेकिन महिला उनकी नहीं सुनी। कांग्रेस उम्मीदवार को वोट दिया। यह जानने के बाद उसके ससुराल वाले भडक़ उठे। मतदान केन्द्र से वह जैसे ही घर लौटी पति, देवर, ससुर सभी उस पर टूट पड़े। घर में बंद कर उसे बेरहमी से मारा-पीटा गया। फिर मुंह में एसिड डाल दिया गया।
अत्याचार की शिकार हुई महिला के बेटे ने इस घटना की पुष्टि की है। मीडिया के समक्ष उसने दावा किया है कि उसने पिता, चाचा और दादा को मां पर निर्मम अत्याचार करते देखा है। हालांकि आरोपियों ने आरोप को झूठा बताया है। उनका कहना है कि कांग्रेस को वोट देने को लेकर झगड़ा हुआ था। गुस्साकर उसने खुद से एसिड पी लिया।
पुलिस मामले में चुप्पी साधे बैठी है। जिला पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस तरह की घटना के बारे में जानकारी नहीं है। महिला के बेटे का दावा है कि उसने पुलिस में अपने परिवार वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
इनका कहना है
यह घटना तृणमूल कांग्रेस के गुंडातंत्र का प्रत्यक्ष प्रमाण है। ममता बनर्जी लोकतंत्र को हाशिए पर ले जा रही हैं। उक्त घटना बेहद दुखद एवं शर्मनाक है।
अधीर रंजन चौधरी, वरिष्ठ नेता कांग्रेस