
CG News: बचपन में स्कूल की किताबें मांग कर व बगैर स्कूल जाए ही क -ख- ग सीखकर अब तक 10 विषयों में स्नाकोत्तर और पीएचडी की डिग्री हासिल करने वाली व प्रसिद्ध जनजातीय महिला कलाकार डॉ. जयमति कश्यप को उनकी कला और सामाजिक योगदान के लिए रविवार को भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ले राष्ट्रीय देवी अहिल्याबाई सम्मान 2024 से सम्मानित किया।
जयमति विभिन्न मंचों पर समाज चल रही कुरीतियों सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही महिलाओं व जनजाति समाज के लिए बेहतर कार्य करने के लिए पूरे प्रदेश में जानी जाती है। उनकी इस विलक्षण प्रतिभा को मध्य प्रदेश सरकार की संस्कृति विभाग ने समझा और उन्हें राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मनित किया।
डॉ. जयमति कश्यप ने जब पारंपरिक बस्तरिय वेशभूषा में मंच पर प्रवेश किया, तो वह दृश्य भारत की विविधता और आत्मा का जीवंत प्रतीक बन गया। उनकी उपस्थिति ने न केवल जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाया, बल्कि यह भी दर्शाया कि परंपरा से जुड़कर भी आधुनिक उपलब्धि पाई जा सकती है।
डॉ. कश्यप कोंडागांव जिले की रहने वाली हैं और वह गोंडी भाषा, साहित्य, चित्रकला, कीटोकाट गायन, और जनजातीय परंपराओं की संरक्षिका रही हैं। उनके काम ने बस्तर की लोककला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया। वे शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता और कलाकार के रूप में बहुआयामी योगदान दे रही हैं।