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Breaking News: 800 ग्रामीणों ने मक्का प्लांट पर बोला धावा, कार-ट्रैक्टर समेत कई वाहनों में तोड़फोड़, इलाके में तनाव

Breaking News: कोंडागांव जिले के कोकोड़ी गांव में गुरुवार देर रात उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब सैकड़ों ग्रामीणों ने मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट का घेराव कर दिया।
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कोंडागांव

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Khyati Parihar

•

Updated: 13 Feb 2026, 11:31 AM IST

मक्का प्लांट में किया तोड़फोड़ (फोटो सोर्स- पत्रिका)

मक्का प्लांट में किया तोड़फोड़ (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Breaking News: कोंडागांव जिले के कोकोड़ी गांव में गुरुवार देर रात उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब सैकड़ों ग्रामीणों ने मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट का घेराव कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने प्लांट परिसर में खड़ी कार, ट्रैक्टर समेत अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की। प्रारंभिक आकलन के अनुसार घटना में करीब 10 से 20 लाख रुपये तक के नुकसान का अनुमान है।

जानिए क्या है पूरा मामला?

घटना कोकोड़ी गांव स्थित मक्का प्रसंस्करण इकाई से जुड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला तरल अपशिष्ट (वेस्ट) उनके खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि अपशिष्ट के कारण न केवल पैदावार प्रभावित हो रही है, बल्कि बदबू और गंदगी से उनका दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक, वे लंबे समय से प्रशासन और प्लांट प्रबंधन को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन शिकायतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया गया, पर हर बार आश्वासन ही मिला।

देर रात भड़का आक्रोश

बताया जा रहा है कि गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब 700 से 800 ग्रामीण एकजुट होकर प्लांट परिसर पहुंच गए। पहले प्लांट का घेराव किया गया, लेकिन स्थिति जल्द ही बेकाबू हो गई और भीड़ ने वाहनों व अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, हालांकि ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हो सका। एहतियातन प्लांट के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, कुछ समय तक पुलिस जवानों को भी परिसर के भीतर जाने से रोका गया।

पहले भी हो चुका है विरोध

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब प्लांट के खिलाफ विरोध हुआ हो। इससे पहले भी कई बार ग्रामीणों ने अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रबंधन ने प्रदूषण रोकने के दावे तो किए, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थायी समाधान नहीं निकला।

जांच शुरू, शांति की अपील

प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। साथ ही, प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट और प्रदूषण से जुड़े आरोपों की भी जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।फिलहाल कोकोड़ी गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।