
आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (photo source- Patrika)
Ayushman Bharat Scheme: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत जिले में आभा आईडी (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) निर्माण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर नागरिकों का आभा आईडी बना रही हैं, जिससे लोगों को किसी कार्यालय या अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिन बहनें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को आभा आईडी के महत्व के बारे में जानकारी दे रही हैं और मौके पर ही पंजीयन कर रही हैं। इस पहल से बुजुर्गों, महिलाओं तथा दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को विशेष सुविधा मिल रही है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि, वे इस अभियान में सहयोग करें और अपना आभा आईडी अवश्य बनवाएं।
यह पहल न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि जिले को डिजिटल और सशक्त स्वास्थ्य प्रणाली से जोडऩे की दिशा में भी अहम कदम है।कोण्डागांव जैसे आकांक्षी जिले में चल रहा यह आभा आईडी निर्माण अभियान आने वाले समय में बेहतर, तेज और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत नींव साबित होगा।
जिले में अब तक लगभग 5 लाख 60 हजार आभा आईडी का निर्माण किया जा चुका है। आभा आईडी बनवाने के लिए केवल आधार कार्ड की आवश्यकता होती है। जिन नागरिकों के पास आधार कार्ड है, वे स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क कर या निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपना आभा आईडी बनवा सकते हैं। आभा आईडी एक डिजिटल स्वास्थ्य पहचान पत्र है, जिसके माध्यम से व्यक्ति का संपूर्ण स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहता है।
इससे मरीज देश के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में आसानी से उपचार करा सकते हैं। पूर्व में कराए गए उपचार की जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहने से डॉक्टरों को इलाज में सुविधा होती है और मरीजों को बार-बार दस्तावेज ले जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
Updated on:
18 Feb 2026 01:20 pm
Published on:
18 Feb 2026 01:19 pm
बड़ी खबरें
View Allकोंडागांव
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
