कोंडागांव

Student Protest: क्लास छोड़कर सड़क पर बैठे छात्र, कोंडागांव स्कूल की व्यवस्था के खिलाफ खोला मोर्चा

Students Block Road: हीरापुर हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्रों ने पढ़ाई, परीक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया। छात्रों ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
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Student Protest
ओपन स्कूल परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप (Photo Source- Patrika)

Student Protest: विकासखंड माकड़ी के हीरापुर हायर सेकेंडरी स्कूल के नियमित विद्यार्थियों ने मंगलवार को अपनी पढ़ाई, परीक्षा व्यवस्था और विद्यालय में शिक्षकों के व्यवहार को लेकर धरना प्रदर्शन किया और सडक़ जाम की। विद्यार्थियों ने विद्यालय प्रबंधन व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विद्यार्थियों का आरोप है कि ओपन स्कूल के नाम पर 10वीं व 12वीं के परीक्षार्थियों से कथित रूप से क्रमांक 8,000 से क्र 10,000 तक राशि ली जाती है। साथ ही, परीक्षा के दौरान अनुचित तरीके से नकल कराने की शिकायतें भी हैं।

Open School Examination: ओपन स्कूल के छात्रों ने बताई अपनी पीड़ा

छात्रों का कहना है कि ऐसी व्यवस्था के कारण ओपन स्कूल के कुछ परीक्षार्थियों के अंक व प्रतिशत नियमित विद्यार्थियों से अधिक हो जाते हैं। नियमित विद्यार्थियों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि, वे वर्ष भर मेहनत करते हैं, फिर भी अनियमितताओं से उनके भविष्य, उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के अवसरों पर सीधा असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना गया, जिसके कारण उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।

शिक्षा में पारदर्शिता क्यों जरूरी

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बच्चों के भविष्य की नींव है। जब परीक्षा प्रणाली में अनियमितता या नकल जैसी शिकायतें सामने आती हैं, तो यह मेहनती विद्यार्थियों के मनोबेल को तोड़ती है। ऐसी स्थितियां शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठाती हैं और उच्च शिक्षा व रोजगार के अवसरों को प्रभावित करती हैं। सरकार व शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है कि, वे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखें और एक निष्पक्ष, विश्वसनीय शैक्षणिक माहौल प्रदान करें।

School Education System: परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं का खेल

विद्यार्थियों ने शासन, प्रशासन व शिक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है। उन्होंने ओपन स्कूल परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं, राशि लिए जाने के आरोपों और परीक्षा में नकल की शिकायतों की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। उनकी प्रमुख मांग है कि नियमित विद्यार्थियों के साथ अन्याय न हो और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी व निष्पक्ष बनाई जाए।

विद्यार्थी शिक्षकीय व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन स्कूल में पर्याप्त शिक्षक हैं, बच्चो को समझना क्लास भेज दिया गया- सुखराम देवांगन, बीईओ

नियमित छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, वही दोषी कर्मचारियों के ऊपर कार्यवाही हो- मोहन मरकाम, पूर्व विधायक

Updated on:
09 Sept 2026 03:49 pm
Published on:
09 Sept 2026 03:49 pm