CG Vegetable Price Hike: बरसात का मौसम आते ही किचन का बजट बिगड़ गया है। हरी सब्जियों की कीमत आसमान छू रहे है। मध्यम वर्ग के थाली से धीरे-धीरे सब्जी कम होती जा रही है।
Kondagaon Vegetable Price Hike: बारिश सीजन का सबसे ज्यादा असर सब्जियों के दाम में देखने को मिल रहा है बारिश का सीजन शुरू होने के साथ ही स्थानीय किसानों के खेतों में निकलने वाली सब्जी की आवक कम हो गई है, जिसका सीधा असर सब्जियों की कीमत पर पड़ रहा है। बहीगांव केशकाल में महंगे हो रही सब्जियां आम नागरिकों के लिए परेशानी बढा रही है। यह गरीब व मध्यम वर्ग के थाली से धीरे-धीरे सब्जी कम होती जा रही है लगातार बढ़ रहे सब्जियों के दाम ने किचन का बजट तो बिगाड़ ही रखा है साथ ही वैवाहिक कार्यक्रमों में भी इसका असर देखा जा रहा है।
इसी तरह 15 से 20 रुपए प्रति किलो बिकने वाली प्याज अब ?40 प्रति किलो बिक रही है वही 15 से ?20 प्रति किलो बिकने वाला आलू भी 30 से 40 रुपए के बीच बिक रहा है सब्जियों में स्वाद डालने वाले टमाटर ने किचन का बजट सबसे ज्यादा बिगाड़ रखा है स्थानीय किसानों के खेतों से निकलने वाला यही टमाटर एक महीने पहले 10 से 20 रुपए प्रति किलो तक मिल रहा था जो कि अब 80 से ₹100 प्रति किलो तक बिक रहा है बढी महंगाई के कारण थाली से टमाटर दूर होता जा रहा है टमाटर से अब मोह भंग हो रहा है।
महंगाई का सबसे ज्यादा असर टमाटर पर देखने को मिल रहा है । इसकी बजाए अब गृहणियां टोमेटो केचअप के सहारो सब्जियां बना रही हैं। अगर लौकी तोराई और भिंडी को छोड़ दिया जाए तो खाने की थाली के अहम प्याज और आलू सहित बाकी सभी सब्जियां ₹40 या इससे अधिक कीमत में बिक रही है आंधे महीने पहले करीब ₹30 प्रति किलो के दम से बिकने वाला टमाटर वर्तमान में चार गुना बढ़त बनाकर 80 से ₹100 प्रति किलो की दर से बिक रहा है।