
CG News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के मुड़ापार स्थित SECL अस्पताल में 8 जून की रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब स्टाफ ने बाथरूम के पास एक जहरीले नाग को देखा। शुरुआत में उन्हें वह किसी रस्सी जैसा लगा, लेकिन जब मोबाइल की टॉर्च से रोशनी की गई तो देखा कि करीब 5 फीट लंबा सांप फन फैलाए खड़ा है।
डॉ. सीमा सिंह ने बिना देर किए स्नेक कैचर टीम को सूचना दी, जिसके बाद सर्पमित्र उमेश यादव तुरंत अस्पताल पहुंचे। उन्होंने नाग को सावधानीपूर्वक पकड़कर प्लास्टिक के डिब्बे में बंद किया और फिर उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया।
स्नेक कैचर के अनुसार, यह सांप बेहद जहरीला और तेज रफ्तार से हमला करने वाला था। इसके डसने पर जहर तेजी से फैलता है, इसलिए तुरंत इलाज आवश्यक होता है। अस्पताल परिसर के पास नर्सरी होने की वजह से वहां वन्यजीवों की गतिविधियां ज्यादा रहती हैं, जिससे सांप निकलने की घटनाएं आम हैं।
स्थानीय लोगों और अस्पताल प्रशासन ने उमेश यादव द्वारा समय पर किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना की। उनके इस साहसी कदम से अस्पताल के मरीजों और स्टाफ की जान को बड़ा खतरा टल गया।