
CG Crime News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में घर के पीछे बाड़ी में स्नान कर रही 18 साल की युवती को ताक-झांक करने के एक मामले में कोर्ट ने 52 वर्ष आयु के व्यक्ति को दोषी ठहराया है। उसे तीन साल की सजा से दंडित किया है। अतिरिक्त लोक अभियोजक मोहन सोनी ने बताया कि 13 मई को एक युवती अपने घर के पीछे बाड़ी में स्नान कर रही थी। इसी दौरान घर के अहाता से छिपकर पूरन शुक्ला युवती को देख रहा था, तभी युवती की नजर उस पर पड़ी।
युवती उसके नीयत को भांप गई। उसने घटना की जानकारी तुरंत अपने परिवार को दी। आसपास रहने वालों को बताया। परिजनों ने पूरन से पूछा तो वह वाद-विवाद करने लगा। इस पर युवती ने अपने परिवार के साथ उरगा थाना में आरोपी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत केस दर्जकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच कर आरोप पत्र पूरन के विरुद्ध कोर्ट में पेश किया।
इसकी सुनवाई कोरबा के अपर सत्र न्यायालय (फॉस्ट ट्रक कोर्ट) में चल रही थी। युवती के बयान और साक्ष्य के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा की अदालत ने पूरन को गलत नीयत से ताक-झांक करने का दोषी ठहराया। धारा के तहत पूरन को तीन वर्ष की सजा व 500 रुपए जुर्माना से दंडित किया। अभियोजक सोनी ने कहा कि इससे कोर्ट कासंदेश साफ है कि महिला संबंधित अपराधों में दोषी पाए जाने पर दोषियों को बशा नही जाएगा।