अक्षय तृतीया का दिन अक्षय मुहूर्त वाला दिन माना गया है इस दिन को विवाह, दान व खरीदारी की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्व है।
अक्षय तृतीया का दिन अक्षय मुहूर्त वाला दिन माना गया है इस दिन को विवाह, दान व खरीदारी की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्व है। इस दिन किया गया दान अनंत गुणा पुण्यकारी माना जाता है। इस बार सर्वार्थ सिद्धि मुहूर्त में यह तिथि है, जो अच्छा संयोग माना जा रहा है। अक्षय तृतीया का पर्व १८ अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन का अपना खास महत्व होता है।
स्थानीय ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि धार्मिक ग्रंथों में मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन दान करने से पुण्य मिलने के साथ दान भी अक्षय हो जाता है। ज्योतिष के अनुसार 11 साल बाद अक्षय तृतीया के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग ? बन रहा है। जो काफी फलदायी और कल्याणकारी होगा। साथ ही इस दिन मटका दान की परंपरा चली आ रही है। इस दिन मटके के साथ सत्तू व अन्य खाद्य सामग्री दान देने की पंरपरा है। दान से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
बेटियों के घर मटका देने की पंरपरा
छत्तीसगढ़ में बेटियों के घर मटका देने की पंरपरा चली आ रही है। एेसा माना जाता है कि बेटियों को दान करना भी पुण्यकारी होता है साथ ही साथ गर्मी में पानी पिलाना भी पुण्यकारी माना जाता है। एेसे में ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र अधिकतर जगहों में मटका दान करने की परंपरा चली आ रही है। जो आज भी चल रही है। मटके का पानी सेहत की दृष्टि से अच्छा माना जाता है इसलिए भी मटका देने की परंपरा है।
खूब बजेगी शहनाई विवाह के लिए उत्तम मुहूर्त
विवाह के लिए अक्षय तृतीया का दिन उत्तम माना गया है। इस दिन किए गए काम का अच्छा परिणाम मिलता है। इस शुभ मुहूर्त पर कई जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। जगह-जगह शहनाई की धुन सुनाई देगी।