
कोरबा .ऊर्जाधानी में लगातर घटते व प्रदूषित होते भ-ूजल स्रोत की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गयी है। खतरनाक स्थिति को संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने तहसीलदार की अध्यक्षता में प्रशासन व पुलिस की संयुक्त समिति का गठित की है। इस समिति को तत्काल भूमिगत जल स्रोतों को सील करने की कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि मुख्य सचिव द्वारा भेजा गया पत्र कोरबा कलेक्टर को मिला है और इसके बाद ही जिला प्रशासन ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए कड़ी कार्रवाई के लिए समिति गठित की है। इस समिति को १५ दिन के भीतर कार्यवाही पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। अफसरों द्वारा जल्द ही इस संबंध में कार्रवाई किए जाने के संकेत मिले हैं। जहां कार्रवाई की जानी है, उनमें ज्यादातर उद्योग रजगामार रोड स्थिति औद्योगिक परिक्षेत्र में स्थापित हैं।
किसी ने नहीं ली अनुमति
ऊर्जाधानी में भू-जल स्रोतों की स्थिति चिंताजनक है। शासन जो सूचि जिले को भेजी है। उसके अनुसार सबसे चांैकाने वाली बात यह है कि सूची में दर्ज ३० से ३५ उद्योगों में से किसी ने भी औद्योगिक प्रयोजन के लिए भू-जल स्रोत का उपयोग किए जाने की अनुमति अब तक नहीं ली है। इसमें से कई उद्योग तो ऐसे भी हैं, जिन्होंने २५ वर्ष पूर्व नलकूप खनन किया था। लेकिन इतने सालों के दौरान वह बिना अनुमति के ही लगातर भू-जलस् का दोहन कर रहे हैं। गंभीर बात यह भी है कि ढाई दशक की अवधि में प्रशासन ने भी इन उद्योगों पर कोई कार्यवाही नहीं की।
Read More : महिलाएं रचनात्मकता की प्रतिमूर्ति हैं, इनको आगे बढऩे से कोई नहीं रोक सकता : शर्मा
ये हैं वो उद्योग जो भूमिगत जल का कर रहे दुरुपयोग
-ग्रीन श्रेणी वाले पंजीकृत उद्योग- कोरबा सीमेंट प्रोडक्ट्स, मित्रा सीमेंट आर्ट, जेजे इण्ड., फ्लैक्सो क्रीम, स्नो बॉल आईसक्रीम, शुभा डेयरी।
-औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योग व आवंटित भूखण्ड- पार्वती इंटरप्राईजेस, बालाजी वाटर सॉल्यूशन, स्वास्तिक केटलफील्ड, श्याम सुंदर अग्रवाल, सदाशिव केटलफील्ड, कोरबा इंजीनियरिंग वर्क, शुभा डेयरी प्रा.लि., उदय इंडस्ट्रीज, किशन इंडस्ट्रीज, गोयल इंडस्ट्रीज, बालाजी गैसेस, बालाजी वाटर, राज इण्डस्ट्रीज, नटराज केमिकल्स, छत्तीसगढ़ सीमेंट प्रोडक्ट्स, नारावणी बोर्ड, बालाजी क्रायोजानिक, उदय इण्डस्ट्रीज, शिवम इण्ड., शिवा इण्ड., सर्वमंगला गैसेस, बालाजी एयर प्रोडक्ट्स, गोयल इण्ड., नवीन टाईल्स और शिवा इण्डस्ट्रीज।
भूजल स्रोत के दोहन को लेकर कलेक्टर द्वारा जारी आदेश प्राप्त हुआ है। इसमें कार्रवाई के लिए टीम का गठन किया गया है। जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी- -टीआर भारद्वाज, तहसीलदार कोरबा
Updated on:
13 Apr 2018 09:56 pm
Published on:
14 Apr 2018 07:10 am
बड़ी खबरें
View Allकोरबा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
