- तिवारी ने निगम में गुणवत्ताहीन निर्माण व मनमर्जी चलाने का भी आरोप लगाया
कोरबा. वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेसी अशोक तिवारी ने शुक्रवार को पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके पीछे तिवारी ने कोरबा विधायक जयसिंह पर कई आरोप भी लगाए। पार्टी को हाइजैक तक करने की बात कही। तिवारी ने कहा कि पार्टी के अस्तित्व को नकारने वाली गतिविधियां व कार्यकर्ताओं के अनादर से वे अब व्यथित हो चुके हैं।
तिलक भवन में मीडिया से चर्चा करते हुए अधिवक्ता अशोक तिवारी ने कहा कि उन्होनें शुक्रवार को ही पार्टी के शहर जिलाध्यक्ष राज किशोर प्रसाद को अपना इस्तीफा दिया है। तिवारी ने कहा कि वे लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं। इस बार जब टिकट की बारी आई तब उन्होनेें कोरबा व कटघोरा विधानसभा से अपनी इच्छा जताई थी, लेकिन पार्टी ने उनको टिकट नहीं दिया। जबकि उनकी जगह पर कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल को टिकट दे दिया। यहीं नहीं पार्टी मेंं उनको किसी तरह की जवाबदारी नहीं दी जा रही थी।
पिछले तीन चुनाव में वे पार्टी के लिए जूझते रहे हैं। इस बात की जानकारी उन्होनें प्रदेश अध्यक्ष व पीएल पुनिया तक को दी थी, लेकिन हर किसी ने उनकी बात अनसुनी कर दी। तिवारी ने अपने वार्ड में काम नहीं करवाने, पार्टी में बदलते हालात व टिकट नहीं मिलने तीनों को इस्तीफे की वजह बताई। उन्होनें कहा कि इस्तीफे से पहले वे डॉ. महंत से बात करना चाहते थे, लेकिन डॉ. महंत ने समय नहीं दिया। तिवारी ने निगम में गुणवत्ताहीन निर्माण व मनमर्जी चलाने का भी आरोप लगाया। उनके रिश्तेदार को निगम द्वारा किए गए ब्लैक लिस्टेड को लेकर किए गए सवाल पर उन्होनें कहा कि निगम उसमें कार्रवाई कर सकता है। अगर ऐसा है तो उनको जानकारी नहीं है।
आरोप पर विधायक बोले तिवारी नाम के थे कांग्रेसी, काम विरोधियों का करते थे
इस आरोप पर कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि अशोक तिवारी कांग्रेस में एक मात्र सदस्य के रूप में हैं। पिछले कई चुनाव में कांग्रेसियों की बजाए विरोधी पार्टी के काम करते रहे हैं। रही बात अभद्रता की तो वो खुद कह रहे हैं कि मैनें उनके साथ व्यक्तिगत रूप से कभी ऐसा व्यवहार नहीं किया। टिकट का मामला पार्टी आलाकमान का है। ये निर्णय दिल्ली से ली गई है।