गांव बगबुड़ा में रहने वाली सुखमत बाई यादव 35 वर्ष रविवार की सुबह लगभग 6 बजे नवापारा जंगल की ओर गई हुई थी।
कोरबा. शनिवार की सुबह सरदुकला मेेंं हाथी के हमले से महिला की मौत के बाद ग्रामीण दहशत से उबर पाए भी नहीं थे कि उसी गांव में देर रात दंतैल ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को कुचल डाला। उधर कटघोरा के केन्दई वन परिक्षेत्र में पखवाड़े भर से शांत हाथियों का झुंड रविवार की सुबह एक बार फिर एक महिला को रौंद दिया। यह घटना कोरबी सर्किल के नवापारा जंगल के समीप घटी।
24 घंटे के अंतराल में एक के बाद एक हाथियों के हमले से तीन मौतों के बाद जहां ग्रामीणों में दहशत बढ़ चुकी है। तो वहीं पिछले नौ दिनों के भीतर यह पांचवी मौत के बाद ग्रामीणों मेें वन विभाग के खिलाफ बेहद आक्रोश है। ग्रामीणों का मानना है कि वन विभाग जो भी जरूरी उपाय कर सकता था कर लिया गया। लेकिन राहत नहीं मिल रही है इससे साफ है कि अब विभाग से स्थिति आउट ऑफ कंट्रोल होने लगी है।
करतला अंतर्गत ग्राम सरदुकला निवासी रामचरण राठिया ६८ वर्ष की लाश गांव से करीब 200 मीटर बाहर जंगल की ओर बरामद की गई है। बताया जा रहा है कि तालाब निस्तारी के लिए वह गया हुआ था। इसी बीच उसका सामना दंतैल हाथी से हो गया। जहां दंतैल ने उसे कुचल दिया। इसी तरह रविवार की सुबह कटघोरा वनमंडल के केंदई रेंज अन्तर्गत कोरबी सर्किल में हाथी के हमले में एक महिला की मौत हो गई। ग्राम पंचायत लमना के आश्रित गांव बगबुड़ा में रहने वाली सुखमत बाई यादव 35 वर्ष रविवार की सुबह लगभग 6 बजे नवापारा जंगल की ओर गई हुई थी। जहां नवापारा पहाड़ के पास मौजूद हाथियों के दल की नजर महिला पर पड़ गई। एक हाथी ने दौड़ाकर सुखमत बाई को निशाना बनाते हुए पटक दिया और पैरों तले रौंद डाला।
दंतैल हो रहा और आक्रामक
करतला वन परिक्षेत्र में वर्तमान में २५ हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। इसमें से एक दंतैल हाथी अकेला घूम रहा है। यही अकेला हाथी लगातार घटना को अंजाम दे रहा है। वर्तमान में ग्राम कोई के पास यह हाथी है। दंतैल पिछले कुछ दिनों से और भी आक्रमक होते जा रहा है। दूसरी तरफ वन विभाग की टीम अब भी पुराने ढर्रें पर ही हाथियों को रोकने के प्रयास में है। ऐसा कोई ठोस उपाय नहीं किया जा रहा है।
घटना के 15 मिनट पहले गुजरी थी टीम
वन विभाग के मुताबिक सकदुकला में उनकी एक टीम घटना के १५ मिनट पहले रवाना हुई थी। चूंकि तालाब के आसपास हाथियों के आने की संभावना रहती है। लेकिन जब टीम वहां पहुंची तो एक भी ग्रामीण उसके आसपास नहीं थे। वाहनों में सायरन बजाते हुए टीम वहां से गुजर गई। इसके ठीक कुछ देर बाद रामचरण राठिया नहाने के लिए तालाब के समीप पहुंचा। जहां हाथी ने उस पर हमला कर दिया। घटना स्थल पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गर्ई।
सीसीएफ ने अपनी उडऩदस्ता टीम को जांच के लिए भेजी
हाथियों के लगातार हमले को देखते हुए सीसीएफ बिलासपुर की एक टीम कोरबा पहुंची है। टीम को जांच के लिए भेजा गया है। जो कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों मेंं पहुंचकर ये देख रही है कि आखिर घटनाएं कैसे हो रही है ? वन विभाग की लापरवाही है कि ग्रामीणों की चूक है। हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि अंबिकापुर में एक हाथी को टै्रंक्यूलाइज किया गया था। उसकी संभावनाओं पर ही जांच की जा रही है।
अधिकारी घटना स्थल से थे कुछ दूरी पर
लगातार हाथी के हमले को देखते हुए शनिवार को दिनभर डीएफओ एस वेंकटाचलम, एसडीओ मनीष कश्यप समेत पूरा दल क्षेत्र में निरीक्षण करता रहा। सरदुकला में जिस जगह सुबह घटना घटी थी उसे क्षेत्र में डीएफओ की टीम जायजा ले रही थी। इसी बीच दूसरी मौत की सूचना मिली। लिहाजा टीम आनन-फानन में उस जगह पहुंची। जहां तालाब जाने वाले रास्ते में ग्रामीण की लाश बरामद की गई।