कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद अब्दुल कैसर हक ने नामांकन से ठीक एक दिन पहले मीडिया से चर्चा करके सारी प्रक्रियाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
कोरबा. विधानसभा चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशी शुक्रवार से नामांकन दाखिल करेंगे। जिला प्रशासन ने इसके लिए पूरे कलेक्टोरेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया है। कलेक्टोरेट के 100 मीटर के दायरे मेें किसी भी वाहन को एण्ट्री नहीं मिलेगी। कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद अब्दुल कैसर हक ने नामांकन से ठीक एक दिन पहले मीडिया से चर्चा करके सारी प्रक्रियाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वहीं खास तौर पर बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्र के बूथों के लिए विशेष तैयारी की गई है। इस क्षेत्र में वन विभाग के साथ मिलकर हाथियों की निगरानी की जाएगी।
मीडिया से चर्चा के पहले सभी राजनैतिक दलों को भी नामांकन से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। कलेक्टोरेट परिसर में ही तीन अलग-अलग कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। सामान्य निर्वाचन की जानकारी के लिए २२२०२०, प्रत्याशी के खर्चों से जुड़ी शिकायत के लिए २२३९१० तो आचार संहिता के उल्लंघन या अन्य किसी भी तरह की शिकायत के कलिए २२५०९५ नंबर कलेक्टर ने जारी किए हैं। इन सभी नंबरों पर २४ घण्टे सुविधा उपलब्ध होगी।
नामांकन जमा करने की प्रक्रिया शुक्रवार को ही शुरू हो जाएगी। नामांकन फॉर्म खरीरने व जमा करने के लिए सुबह ११ से शाम तीन बजे तक का समय निर्धारित है। कलेक्टोरेट परिसर में ही प्रत्येक विधानसभा के नामांकन जमा करने के लिए चार अलग-अलग कोर्ट की व्यवस्था की गई है। तीन भू-तल पर हैं, तो कोरबा विधानसभा के लिए कलेक्टर कोर्ट प्रथम तल में व्यवस्था की गई है।
कई जगह पिंक बूथ की रहेगी व्यवस्था
निर्वाचन अधिकारी कैसर अब्दुल हक ने बताया कि शहरी क्षेत्र में १४०० और ग्रामीण क्षेत्र में १२०० मतदाता से अधिक के उपलब्ध होने पर, एक सहायक बूथ की स्थापना की जाएगी। यह पिंक बूथ होगा जहां मतदान दल में पिठासीन अधिकारी से लेकर सुरक्षाकर्मी तक महिलाएं ही होंगी। यहां महिला मदताओं की लिए खास इंतजाम होंगे। ताकि वो निर्बाध अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
जिले में 72 बूथ संवेदनशील घोषित
संवेदनशील बूथ के प्रश्न पर निर्वाचन अधिकारी कैसर अब्दुल हक ने बताया कि जिले मे ७२ बूथ ऐसे हैं, जहां नेटवर्क न मिलने की शिकायत है। इन्हें संवेदनशील कहा जा सकता है। हाथी प्रभावित क्षेत्र के बूथ के लिए विशेष तैयारी की गई है। इस क्षेत्र में वन विभाग के साथ मिलकर हाथियों की निगरानी की जाएगी। जिले में कुल १११ सेक्टर ऑफिर हैं। जोकि ईवीएम की कमिशनिंग भी करेंगे।