CG News: कोरबा जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूएसबी चौहान ने बताया कि हसदेव नदी में घटना स्थल के आसपास राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की टीम पुलिस के साथ मिलकर खोजबीन कर रही थी।
CG News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूएसबी चौहान ने बताया कि हसदेव नदी में घटना स्थल के आसपास राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की टीम पुलिस के साथ मिलकर खोजबीन कर रही थी। उनकी तलाश की जा रही थी। गुरुवार सुबह लगभग 11 बजे सागर चौधरी उम्र 22 वर्ष का शव बरामद हुआ।
इसके लगभग तीन घंटे बाद बजरंग शाह का शव घटना स्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर बरामद किया गया। वहीं देर शाम आशुतोष सोनीकर की भी लाश नदी से बरामद की गई। शव की पहचान के बाद कानूनी कार्यवाही पूरी की गई और आगे की विवेचना की जा रही है।
गौरतलब है कि 3 फरवरी को दर्री थाना क्षेत्र में रहने वाले तीन युवक सागर चौधरी 22 वर्ष, आशुतोष सोनीकर 22 वर्ष और बजरंग शाह 19 वर्ष दोपहिया वाहन में सवार होकर घर से घूमने के लिए निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटे तब परिवार के लोगों ने उनकी पतासाजी की। कोई जानकारी नहीं मिली। देर रात घटना की सूचना दर्री थाना को दी गई। इसमें बताया गया था कि सागर और आशुतोष छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन कंपनी की के-2 आवासीय परिसर और बजरंग शाह अयोध्यापुरी निवासी थे।
मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने खोजबीन शुरू की थी। रात भर युवकों की कोई जानकारी नहीं मिली। इसके अगले दिन 4 फरवरी को हसदेव नदी किनारे ढांढ़पारा मांझीडेरा बिंझराघाट के पास एक बाइक मिली थी। यहां कपड़ा, जूता और मोबाइल पड़ा हुआ था। कपड़े की पहचान लापता युवकों से की गई थी तब से आशंका जताई जा रही थी कि तीनों युवक हसदेव नदी में डूब गए होंगे। इसी आशंका को लेकर पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
घटना स्थल के आसपास हसदेव नदी में युवकों की खोजबीन की जा रही थी। 6 फरवरी को नदी में पहला शव बरामद हुआ इसके थोड़ी देर बाद दूसरे युवक की लाश मिली। तीसरे युवक की लाश देर शाम मछुवारों को मिली । इसे बाहर निकाला गया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि युवक हसदेव नदी किनारे किस काम से गए थे। आशंका है कि स्नान के दौरान हादसा हुआ होगा।
तीन दिन पहले घर से लापता हुए तीन युवकों में से तीनों युवकों की लाश दर्री थाना क्षेत्र में हसदेव नदी से बरामद की गई है। उनकी पहचान सागर चौधरी और बजरंग शाह और आशुतोष सोनीकर से की गई है। घटना से परिवार में मातम पसरा है। परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।