
CG News: कोल इंडिया लिमिटेड बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी एसईसीएल में अपनी 25 $फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। कोल इंडिया बोर्ड की ओर से इसके लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी गई है। कोल इंडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक (सीएस) बिजय प्रकाश दुबे की ओर से इसकी सूचना लिस्टिंग डिपार्मेंट बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) को दी गई है।
जानकारी के अनुसार कोल इंडिया लिमिटेड एसईसीएल में अपनी 25 प्रतिशत तक हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए बेच सकती है, इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके साथ ही एसईसीएल खुद भी करीब 10 प्रतिशत नए शेयर जारी कर सकती है। इस तरह कंपनी का एक बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में लाने की योजना है।
बताया जा रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया आईपीओ के जरिए या अन्य बाजार तरीकों से की जाएगी। इसके लिए जरूरी नियमों और प्रावधानों का पालन किया जाएगा। हालांकि इसके लिए कोयला मंत्रालय और अन्य नियामक संस्थाओं से मंजूरी मिलना बाकी है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही एसईसीएल की शेयर बाजार में लिस्टिंग हो सकेगी।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसईसीएल भी शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल हो जाएगी, जिससे निवेशकों को इसमें निवेश का मौका मिलेगा। कोल इंडिया बोर्ड के इस फैसले को लेकर कोयला क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। बता दें कि कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनियों में एमसीएल के बाद एसईसीएल दूसरी बड़ी व मुनाफे वाली कोयला उत्पादक कंपनी है। एसईसीएल की परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश में भी संचालित है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में एसईसीएल की बड़ी मेगा परियोजनाएं कुसमुंडा ,दीपका और गेवरा स्थित हैं। कोल इंडिया के कोयला उत्पादन का बड़ा हिस्सा इन खदानों से ही निकलता है। फिलहाल कोल इंडिया अब अपनी सहायक कंपनी मे हिस्सेदारी बेचकर बाजार से पूंजी जुटाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। कोल इंडिया ने अलग-अलग सर्कुलर जारी कर दिसंबर 2025 में एमसीएल व एसईसीएल के शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए पहले ही सैद्धांतिक सहमति दे दी थी।
कोल इंडिया ने महानदी कोलफील्ड लिमिटेड (एमसीएल) में भी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी बोर्ड ने एमसीएल में अपनी अधिकतम 25 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी है। बताया जा रहा है यह हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए बेची जाएगी। इसके अलावा एमसीएल को शेयर बाजार में लाने (लिस्टिंग) की भी तैयारी है, जिसके तहत आईपीओ (आईपीओ) या अन्य तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह पूरी प्रक्रिया एक या एक से अधिक चरणों में पूरी की जाएगी।
बाजार नियमों के अनुसार प्रक्रिया होगी और सेबी के नियमों का पालन किया जाएगा। प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए इसे अब कोयला मंत्रालय के पास भेजा जाएगा, जहां से इसे डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट्स मैनजमेंट (डीआईएपीएम) को सौंपा जाएगा। सभी औपचारिकताएं पूरी होने और मंजूरी मिलने के बाद इस दिशा में कदम आगे बढ़ाया जाएगा।