
एसईसीएल में 1 जून से नया ड्रेस कोड लागू (फोटो सोर्स- पत्रिका)
SECL Dress Code: कोल इंडिया लिमिटेड ने कर्मचारियों के यूनिफॉर्म खरीद मामले में सामने आ रही शिकायतों को गंभीरता से लिया है। कोल इंडिया प्रबंधन की ओर से हालही में जारी सर्कुलर के अंतगर्त कर्मचारियों और व्यापारियों को साफ चेतावनी दी गई है कि यूनिफॉर्म खरीद में किसी तरह की फर्जीवाड़ा या गलत बिल लगाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ कर्मचारी यूनिफॉर्म ड्रेस कोड योजना के तहत पूरी संख्या में यूनिफॉर्म नहीं खरीद रहे हैं। वहीं कई कर्मचारी सिर्फ एक जोड़ी कपड़ा खरीदकर बाकी रकम के लिए बढ़ा-चढ़ाकर या फर्जी जीएसटी बिल जमा कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग बिना यूनिफॉर्म खरीदे ही नकली बिल लगाकर एडवांस राशि को समायोजित करने की कोशिश कर रहे हैं।
सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि कुछ व्यापारी और दुकानदार भी बिना सामान दिए फर्जी जीएसटी बिल जारी कर रहे हैं। कंपनी ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा है कि यह कंपनी के पैसे का गलत इस्तेमाल, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और जीएसटी कानून का उल्लंघन माना जाएगा। कोल इंडिया के नियमों के अनुसार कर्मचारियों को हर साल तीन या उससे अधिक जोड़ी यूनिफॉर्म खरीदने के लिए 12,500 रुपए तक की अग्रिम राशि दी जाती है। इसके बदले उन्हें तय समय में सही जीएसटी बिल जमा करना होता है।
कंपनी ने कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे तय मानकों के अनुसार ही यूनिफॉर्म खरीदें और किसी भी तरह के फर्जी, बढ़े हुए या उधार लिए गए बिल जमा न करें। अगर कोई कर्मचारी गड़बड़ी करते पाया गया तो उससे पूरी राशि की वसूली की जाएगी, विभागीय कार्रवाई होगी और जरूरत पडऩे पर कानूनी केस भी दर्ज किया जा सकता है।
वहीं व्यापारियों और दुकानदारों को भी चेतावनी दी गई है कि बिना सामान दिए बिल जारी करने पर उनके खिलाफ जीएसटी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे व्यापारियों को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। कंपनी ने साफ किया है कि आगे यूनिफॉर्म की खरीदी और बिलों की जांच की जाएगी। जरूरत पडऩे पर यूनिफॉर्म का फिजिकल वेरिफिकेशन, जीएसटी पोर्टल से बिलों की जांच और औचक निरीक्षण भी किया जाएगा।
मानकीकरण की बैठक में निर्णय और कोल इंडिया प्रबंधन के निर्देशों के बाद एसईसीएल में कर्मचारियों के लिए 1 जून से संशोधित ड्रेस कोड लागू करने का आदेश जारी किया गया है। एसईसीएल मुख्यालय ने आदेश जारी कर सभी क्षेत्रों, उपक्षेत्रों और विभागों को कर्मचारियों को इसकी जानकारी पहले ही दे दी गई है। यह बदलाव कोल इंडिया कीओर से यूनिफॉर्म ड्रेस कोड योजना में संशोधन के बाद किया गया है।
कंपनी ने यूनिफॉर्म का जीएसटी बिल जमा करने की समय सीमा भी एक महीने से बढ़ाकर दो महीने कर दी है। वहीं सेवा अवधि छह महीने से कम बचने पर 50 प्रतिशत राशि देने का पुराना प्रावधान समाप्त कर सभी कर्मचारियों को समान लाभ देने का फैसला लिया गया है।
Updated on:
18 May 2026 05:13 pm
Published on:
18 May 2026 05:13 pm
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