कोरबा. छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के हसदेव थर्मल पावर स्टेशन में प्रस्तावित 1320 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र के लिए कोयला लिंकेज देने की सिफारिश कर दी गई है। कोल इंडिया लिमिटेड की शक्ति नीति के तहत प्रस्तावित संयंत्र को कोयले की आपूर्ति की जाएगी। हसदेव थर्मल पावर स्टेशन की 210 मेगावाट क्षमता वाली चार इकाइयां प्रचालन में हैं
500 मेगावाट क्षमता की एक विस्तार यूनिट से भी बिजली उत्पादन हो रहा है। २१० मेगावाट क्षमता की इकाईयां २०२९-३० तक बंद हो जाएंगी। राज्य सरकार द्वारा 660 मेगावाट क्षमता की दो नई इकाई स्थापित करने की योजना बनाई गइ र्है। कुल 1320 मेगावाट क्षमता का नया संयंत्र एचटीपीएस परिसर में ही स्थापित होगा। 660 मेगावाट क्षमता वाली इकाइयां ब्राउनफील्ड परियोजना होंगी। प्रस्तावित नई इकाइयों के लिए कोयला लिंकेज के लिए बिजली मंत्रालय ने पूर्व में अपनी सिफारिश कर दी थी।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने भी दीर्घकालिन कोयला लिंकेज देने सिफारिश कर दी है। 21 अप्रैल 2023 को कोयला मंत्रालय की स्टैंडिंग लिंकेज कमेटी की हुई बैठक के मिनट्स नौ जून को जारी किए गए हैं। इसके अनुसार कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा एचटीपीएस की 660 मेगावाट क्षमता वाली दोनों इकाइयों को शक्ति नीति के पैरा बी एक के तहत कोयला लिंकेज दिया जाएगा।कार्ययोजा के अनुसार 660 मेगावाट क्षमता वाली पहली यूनिट की कमिशिनिंग एक मार्च, 2029 को होगी, 660 मेगावाट क्षमता वाली दूसरी इकाई की कमिशिनिंग दो मार्च 2030 को होगी।
तीनों ही ग्राम पंचायत को २०१६ में ही ओडीएफ घोषित कर दिया गया था। शौचालयों की राशि निकालकर फर्जी जिओ टैगिंग कर यह कारनामा किया गया था। अब जब डोर टू डोर जांच हो रही है तो फर्जीवाड़े की पोल खुल रही है। इससे पहले भी एक दर्जन गांव में इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आ चुका है। ० पहले के प्रकरण में नहीं हो सकी रिकवरी