कोरबा

उद्योग घरानों को खुश करने के लिए सरकार ने कमर्शियल माइनिंग का लिया है फैसला, पढि़ए खबर विरोध में क्या करने जा रहे श्रमिक नेता

- कहा कि कोरबा जिले में 16 अप्रैल को खनन गतिविधियों को पूरी तरह रोक दिया जाएगा।

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Apr 12, 2018

कोरबा . 16 अप्रैल की हड़ताल को सफल बनाने के लिए बुधवार को एटक कार्यालय जिले की सभी खदानों के प्रमुख नेताओं की बैठक भारतीय मजदूर संघ के लक्ष्मण चंद्रा की अध्यक्षता में ली गई। बैठक में पांचों संगठनों ने हड़ताल को सफल बनाने का निर्णय लिया। बैैैैठक को संबोधित करते हुए एटक नेता दीपेश मिश्रा ने कहा कि जिन कारणों से कोयला उद्योग का राष्ट्रीयकरण किया गया था चार दशक बाद लगभग वही कारण निजी कंपनियों की वापसी के आधार बन गए। सन 1971 से लेकर 1973 के बीच दो चरणों मे कोयला उद्योग का राष्ट्रीयकरण करते हुए तत्कालीन सरकार ने कहा था कि देश मे उर्जा की जरूरतें बढ़ती जा रही है।

खान मालिक मांग के अनुरूप कोयले की आपूर्ति के लिए कोयला खानों का विकास नहीं कर पा रहे हैं। अवैज्ञानिक तरीके से खनन करने से बेशकीमती कोयला नष्ट हो रहे हंै। कोयला श्रमिकों की जान संकट मे पड़ रही है इसलिए सरकार कोयला उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर रही है। आज बीजेपी की सरकार यू टर्न लेते हुए कह रही है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया देश की जरूरत के मुताबिक कोयला देने में सक्षम नहीं है इसलिए कमर्शियल माइनिंग के जरिए निजी कंपनी को खनन क्षेत्र में लाया जा रहा है।

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हकीकत में ऐसा नहींं है। सिर्फ बहुराष्ट्रीय कंपनियां और उद्योग घरानों को खुश करने के लिए सरकार ने कमर्शियल माइनिंग का फैसला लिया है। जिसका श्रमिक संगठन विरोध कर रहे है उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में 16 अप्रैल को खनन गतिविधियों को पूरी तरह रोक दिया जाएगा। आउटसोर्सिंग में लगी तमाम निजी कंपनियों को भी रोका जाएगा। आवश्यक सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा।
हिंद मजदूर सभा के रेशम लाल ने कहा कि मौजूदा सरकार का रवैया पूरी तरह मजदूर विरोधी है। केंद्रीय कर्मियों की तरह कोयला मजदूरों का 20 लाख ग्रेच्युटी जनवरी 2016 से लागू होना था।

सरकार ने कोयला मजदूरों को ठेंगा दिखाते हुए इसे 29 मार्च 2018 से लागू किया जो सही नही है। इंटक के बीएन शुक्ला ने कहा कि सरकार पूरी तरह उद्योग घरानों को पीछे दरवाजे से मदद पंहुचा रही है। सीटू के वीएम मनोहर ने कहा कि कोरबा संभाग मे हड़ताल को सफल करने के लिए क्षेत्रीय स्तर में भी रणनीति बनाई जाएगी। भारतीय मजदूर संघ के लक्ष्मण चंद्रा ने कहा कि कमर्शियल माइनिंग के खिलाफ सभी श्रमिक संगठन एकजुट हैं और सभी मिलकर 16 की हड़ताल को सफल बनाएंगे।

ये रहे उपस्थित
बैठक को एटक से अशोक पांडे, चंद्रकांत सिन्हा, मदन सिंह, हिंद मजदूर सभा से ए विश्वास, वैष्णव, सीटू से मोहन सिंह प्रधान, भारतीय मजदूर संघ से संजय सिंह, इंटक से विकास सिंह ने भी संबोधित किया। बैठक में उमेश शर्मा, राजू श्रीवास्तव, रंजन राम, सुभाष सिंह, मृत्युंजय,डीएन सिंह, जेपीएन सिंह, गिरी, संडालिया,राकेश शर्मा, अरुण झा, सीएम तिवारी आदि उपस्थित थे।

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Published on:
12 Apr 2018 10:59 am
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