कोरबा

दो माह बाद शिक्षा विभाग को प्राचार्यों ने दी परीक्षा परिणाम की जानकारी, इन स्कूलों का परिणाम रहा सबसे बेहतर, पढि़ए खबर…

- सबसे कमजोर परीक्षा परिणाम वाले स्कूल के प्राचार्यों की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा

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Jul 31, 2018
दो माह बाद शिक्षा विभाग को प्राचार्यों ने दी परीक्षा परिणाम की जानकारी, इन स्कूलों का परिणाम रहा सबसे बेहतर, पढि़ए खबर...

कोरबा. नौ मई को 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणाम एक साथ जारी होने के बावजूद प्राचार्यांे ने दो महीने बाद शिक्षा विभाग को अपने-अपने स्कूलों का परीक्षा परिणाम बताया है। अब विभाग द्वारा परीक्षा परिणामों की समीक्षा की जा रहा है। जिसके बाद सबसे कमजोर परीक्षा परिणाम वाले स्कूल के प्राचार्यों की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।

पिछले वर्ष की तुलना में जिले के परीक्षा परिणाम में सुधार तो हुआ है, लेकिन राज्य के अन्य जिलों से तुलना की जाए तो 12वीं बोर्ड में कोरबा 16वें तो 10वीं में 21वें स्थान पर पर है। जशपुर व सरगुजा जैसे जिले भी राज्य से आगे हैं। इसके लिए जिले के वह स्कूल जिम्मेदार हैं जिनका बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन रहा है। राज्य की तुलना में रिजल्ट बेहतर नहीं होने के पीछे सीधे तौर पर प्राचार्य जिम्मेदार होते हैं। प्राचार्यों का स्कूल के प्रति गंभीर होने से परीक्षा परिणाम में सुधार होता है।

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प्राचार्यों की गंभीरता का पता इसी बात से चलता है कि कई प्राचार्यों ने परिणम जारी होने के बाद विभाग को जानकारी देने में ही दो माह का समय लगा दिया। 12वीं बोर्ड में जशपुर जिला 93.49, सरगुजा 88.46, नारायणपुर 85.45, राजनांदगांव 81.56 तो जगदलपुर जिला 81.10 प्रतिशत के साथ क्रमश: टॉप-5 में रहे। जबकि 10वीं बोर्ड में टॉप-5 में नाम दर्ज कराने वाले जिलों में जशपुर 89.93, सरगुजा 84.98, कवर्धा 83.02, दंतेवाड़ा 79.12 तो नारायणपुर 76.64 प्रतिशत के साथ शामिल हुआ।

इन स्कूलों का परिणाम रहा सबसे बेहतर
12वीं की बोर्ड परीक्षा में कोरबा ब्लाक के गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल कोरकोमा से 50 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। जिसमें सभी उत्तीर्ण रहे। पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के दो स्कूल माचाडोली व पिपरिया जो जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर से भी अधिक दूर स्थित हैं इन स्कूलों से क्रमश: 40 व 56 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दिलाई थी। जिसमें से सभी उत्तीर्ण रहे। वहीं हाई स्कूल की बोर्ड परीक्षा में शामिल जिले के हाई स्कूल तरदा के सभी 23 बच्चे पास हुए। केवल इतने स्कूलों का परीक्षा परिणाम ही शत प्रतिशत रहा।
हायर सेकेंडरी स्कूल कुदमुरा, अरदा, सरगबुंदिया मोरगा का परिणाम क्रमश: ९७, ९७, ९५ और ९३ फीसदी रहा। वही हाई स्कूल में परसदा, कोरकोमा, पोलमी और चोढा का परिणाम ९५, ९५, ९४ अैार ९४ फीसदी रहा।

इतने बच्चे पास नहीं कर सके थे परीक्षा
सत्र 2017-18 की बोर्ड परीक्षा में जिले से 10वीं कक्षा में 16599 छात्र-छात्राएं परीक्षा दी थीं। जिसमें से 10544 पास हुए जबकि 6044 फेल हुए हैं। फेल होने वालों में छात्राओं की संख्या 3144 है। इसी तरह 12वीं की बोर्ड परीक्षा में जिले से 11 हजार 033 छात्र बैठे थे जिसमें से 2829 फेल हुए तो 8204 पास।

ये रहे जिले के सबसे फिसड्डी स्कूल
१२वीं बोर्ड में कराईनारा, उरगा, दीपका, रजगामार, चैतमा, श्यांग, पीडब्ल्यूडी रामपुर, एनसीडीसी, फसरवानी और तिलकेजा जैसे स्कूलों को परीक्षा परिणाम सबसे ज्यादा निराशाजनक रहा सभी के परीक्षा केपरिणाम ६० से ५० के करीब हैं। इसी तरह १० वीं बोर्ड में बड़मार, लेमरू, सेन्हा, चिर्रा कोहडिय़ा, सिमगा, चैतमा, मढवाडोढ़ा सरभोका, मोंगरा, सेमरा आदि के परीक्षा परिणाम बेहद खराब हैं। सभी का सफलता प्रतिशत ४० फीसदी से भी कम है। जबकि बड़मार और लूमरू में केवल १३ और १६ फीसदी छात्र सफल रहे।

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Published on:
31 Jul 2018 10:03 pm
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