Korba News: रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत उरगा–पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण तेजी से जारी है। इस अहम सेक्शन का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है...
CG News: रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण जारी है। इस कॉरिडोर को भारत माला के नाम से भी जाना पहचाना जाता है। यह कॉरिडोर कोरबा जिले से होकर गुजर रहा है। इसके तहत पहले चरण में बिलासपुर दर्री घाट से उरगा तक सड़क निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। दूसरे चरण में उरगा से पत्थलगांव के बीच सड़क बनाने का काम चल रहा है। यह कार्य भी करीब 70 फीसदी पूरा हो गया है। 30 फीसदी कार्य होना बाकी है।
इस बीच राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने रायपुर- धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत तीसरे चरण का काम शुरू कर दिया है। इस चरण में पत्थलगांव से गुमला झारखंड बार्डर तक सड़क का निर्माण किया जाना है। इस कार्य पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तीन हजार 147 करोड़ रुपए खर्च करने जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती समारोह में पत्थलगांव से झारखंड बार्डर तक बनने वाली इस इकोनॉमिक कॉरिडोर की आधारशिला रखी थी, जो धरातल पर उतर आई है। राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि पत्थलगांव-कुनकुरी से झारखंड सीमा (एनएच- 43) तक इस सड़क का निर्माण किया जाना है इस कार्य पर तीन हजार 147 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके लिए जमीन पर कार्य शुरू किया गया है।
कोरबा परियोजना इकाई के निदेशक डीडी पार्लावर ने बताया कि यह खंड रायपुर-धनबाद कॉरिडोर की रीढ़ है। जिसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। हमारा लक्ष्य इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना है। यह राजमार्ग छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी और व्यापारिक परिवहन को नई मजबूती देगा।
627 किलोमीटर लंबे रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण और विशाल हिस्सा छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है। कुल लंबाई का लगभग 384 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में है। वर्तमान में 104.250 किलोमीटर लंबे पत्थलगांव-झारखंड सीमा खंड पर निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है।
इस खंड में कुल 382 छोटी-बड़ी संरचनाएं जिसमें पुल, अंडरपास आदि शामिल है, बनाई जाएंगी, राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि इस मार्ग पर सात बड़े पुल, 30 छोटे पुल, छह फ्लाईओवर और 01 एलीवेटेड वायडक्ट स्ट्रक्चर, के अलावा 10 स्थानों पर वेहिकुलर अंडरपास, 18 लाइट वेहिकुलर अंडरपास, 26 स्मॉल वेहिकुलर अंडरपास, 11 ईओपी, 21 मवेशी एवं पैदल यात्री अंडरपास बनाया जाएगा। इसके अलावा 278 बॉक्स पुलिया का निर्माण कार्य शामिल है।
यह कॉरिडोर कोरबा जिले के लिए केवल सड़क नहीं, बल्कि लाइफलाइन साबित होगा। कोरबा लोगों का जशपुर तक जाना आना आसान हो जाएगा। झारखंड राज्य से भी कनेक्टिविटी बढ़ेगी। पत्थलगांव से झारखंड बर्डर तक बनने वाली सड़क को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह अंचल के महत्वपूर्ण नगरों- पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी, दुलदुला और जशपुर-को एक सूत्र में पिरोएगा। साथ ही, यह राजमार्ग रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे औद्योगिक शहरों को सीधे झारखंड के धनबाद से जोडक़र व्यापारिक सुगमता प्रदान करेगा।