-घटनास्थल पर महिला की मौत हो गई। वन विभाग सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचा।
कोरबा. कटघोरा से पांच किमी दूर गुरुमुड़ा के जंगल में सुबह पांच बजे दंपती खेत की ओर जा रहे थे। इसी बीच उनका सामना दंतैल हाथी से हो गया। पति भागने में सफल रहा। जबकि महिला को दंतैल ने सूंड़ से उठा कर पटक दिया। महिला की घटनास्थल ही मौत हो गई है। पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग झुंड में हाथी कटघोरा वनमंडल के कई क्षेत्रों में उत्पात मचा रहे हैं।
हालांकि गांव क्षेत्र से दूर होने की वजह से ग्रामीणों को ज्यादा परेशानी नहीं हो रही थी। रविवार की सुबह पोड़ी ब्लॉक के गुरुमुड़ा के मांझीपारा में रहने वाले दुकालिन बाई और उसका पति जगेश्वर बिरहोर कोसा का उत्पादन करते हैं। कोसा विभाग से बीज लेकर उसे अपने बाड़ी में लगाते थे। बीज लेकर सुबह ५ बजे दोनों पति-पत्नी जंगल के रास्ते से वापस मांझीपारा जा रहे थे।
गुरुमुड़ा के समीप दोनों जैसे ही पहुंचे उसी बीच दंतैल हाथी सामने से आ गया। दंतैल को देखकर दोनों हड़बड़ा गए। चिल्लाते हुए दोनों जंगल के दूसरी तरफ भागने लगे। पति आगे भाग रहा था जबकि पत्नी उसके पीछे थी। दंतैल ने सूंड़ से महिला को उठाकर पटक दिया। घटनास्थल पर महिला की मौत हो गई। वन विभाग सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचा।
मरने के बाद शव को हाथी ने किया क्षत विक्षप्त
मरने के बाद भी दंतैल ने महिला के शव को क्षत विक्षप्त कर दिया। जंगल में कई जगहों से महिला के शरीर के अंश बिखरे हुए थे। मंजर देखकर हर कोई सिहर गया। वन विभाग और पुलिस की टीम पंचनामा कार्रवाई में लगी है।
इस साल अब तक 11वीं मौत
साल २०१८ में हाथी के हमले से सबसे अधिक मौतें हुई हैं। कोरबा वनमंडल और कटघोरा वनमंडल में अब तक कुल ११ लोगों की जान हाथियों ने ली है। सबसे अधिक कोरबा में ९ और कटघोरा में दो लोगों को हाथियों ने कुचला है। कई बार ग्रामीणों की लापरवाही से जान गई है तो कई बार वन विभाग के सुस्त रवैय्ये भी इसकी वजह बने। ग्रामीणों का वन विभाग के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है।