विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। जिले में 71.35 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान को लेकर सुबह से ही लोग केंद्रों में एकत्र होने लगे थे। हालांकि मतदान के प्रतिशत में शहर के लोगों को एक बार फिर चौकाया। घरों से निकलकर शहर के मतदाता बूथों तक कम पहुंचे जबकि ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं में उत्साह अधिक देखने को मिला। यही वजह है कि शहर से अधिक मतदान ग्रामीण क्षेत्रों में हुए हैं।
कोरबा. हालांकि मतदान के ये आंकड़े अंतिम नहीं है। निर्वाचन आयोग की ओर से शाम 5 बजे तक डाले गए मतों के आंकड़े ही जारी किये गए हैं। शनिवार सुबह तक अंतिम आंकड़े जारी किये जाने की संभावना है। मतदान को लेकर युवा, दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं में उत्साह देखा गया।
संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवार से भी लोग मतदान करने के लिए केंद्रों पर पहुंचे। आयोग की ओर से मतदान को बढ़ाने के लिए स्विप के तहत अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गए थे। अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया गया था। इसका भी असर शहर की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक देखा गया। गांव के लोग सुबह 8 बजे से ही मतदान केंद्रों में जुटने लगे थे।
मतदान को आकर्षक बनाने के लिए आयोग की ओर से कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में संगवारी मतदान केंद्र भी बनाया गया था। इसमें क्षेत्र के लोगों ने मतदान किया। पहली बार मतदान करने वाले युवक और युवतियों के बीच भी काफी उत्साह देखा गया। कोरबा विधानसभा के संगवारी मतदान केंद्र में भी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी थी।
शहरी क्षेत्र में बस्तियों के बीच स्थित मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या अधिक देखी गई। इन केंद्रों में पॉश इलाकों की अपेक्षा अधिक लोगों ने मतदान किया है। जिन केंद्रों में अधिक मतदान हुए हैं उसमें बालकोनगर, दर्री, स्याहीमुड़ी, मानिकपुर, पुरानी बस्ती कोरबा, कृष्णानगर, सीतामढ़ी, मोतीसागरपारा, रामनगर आदि शामिल हैं।कोरबा. हालांकि मतदान के ये आंकड़े अंतिम नहीं है। निर्वाचन आयोग की ओर से शाम 5 बजे तक डाले गए मतों के आंकड़े ही जारी किये गए हैं। शनिवार सुबह तक अंतिम आंकड़े जारी किये जाने की संभावना है।
मतदान को लेकर युवा, दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं में उत्साह देखा गया। संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवार से भी लोग मतदान करने के लिए केंद्रों पर पहुंचे। आयोग की ओर से मतदान को बढ़ाने के लिए स्विप के तहत अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गए थे। अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया गया था। इसका भी असर शहर की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक देखा गया।
गांव के लोग सुबह 8 बजे से ही मतदान केंद्रों में जुटने लगे थे। मतदान को आकर्षक बनाने के लिए आयोग की ओर से कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में संगवारी मतदान केंद्र भी बनाया गया था। इसमें क्षेत्र के लोगों ने मतदान किया। पहली बार मतदान करने वाले युवक और युवतियों के बीच भी काफी उत्साह देखा गया।
कोरबा विधानसभा के संगवारी मतदान केंद्र में भी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी थी। शहरी क्षेत्र में बस्तियों के बीच स्थित मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या अधिक देखी गई। इन केंद्रों में पॉश इलाकों की अपेक्षा अधिक लोगों ने मतदान किया है। जिन केंद्रों में अधिक मतदान हुए हैं उसमें बालकोनगर, दर्री, स्याहीमुड़ी, मानिकपुर, पुरानी बस्ती कोरबा, कृष्णानगर, सीतामढ़ी, मोतीसागरपारा, रामनगर आदि शामिल हैं।