CG News: डॉक्टरों की देखरेख में किसान का इलाज जारी है। डॉक्टर ने किसान की तबीयत पहले से बेहतर होने की बात कही है। सुमेर के पास 3.75 एकड़ खेत है।
CG News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के हरदीबाजार तहसील क्षेत्र के नोनबिर्रा उपार्जन केंद्र से टोकन नहीं मिलने पर आदिवासी किसान ने कीटनाशक (जहर) पीकर खुदकुशी की कोशिश की। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है। घटना रविवार देर रात की है। विकासखंड पाली अंतर्गत हरदीबाजार तहसील क्षेत्र के गांव धतुरा कोरबी निवासी किसान सुमेर सिंह गोंड़ (55) खेती-किसानी कर परिवार पालन-पोषण करता है।
सुमेर की पत्नी मुकुंद बाई ने बताया कि रविवार की रात 10.30 बजे पति और पत्नी धान के पास बैठै हुए थे। इस बीच सुमेर किचन के अंदर गया। गिलास में कीटनाशक डालकर पी लिया। जब सुमेर की तबीयत बिगड़ी, तब परिजनों को पता चला। उसे हरदीबाजार के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद सुबह लगभग चार बजे सुमेर को मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा रेफर किया गया।
डॉक्टरों की देखरेख में किसान का इलाज जारी है। डॉक्टर ने किसान की तबीयत पहले से बेहतर होने की बात कही है। सुमेर के पास 3.75 एकड़ खेत है। इसमें करीब 98 क्विंटल धान का उत्पादन हुआ है। ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने के लिए उसके पास मोबाइल नहीं है।
टोकन के लिए लगा रहा था चक्कर
ऑफलाइन टोकन के लिए सोसायटी का बार-बार चक्कर काटना पड़ रहा है। इसके बाद भी टोकन नहीं मिलने पर सुमेर काफी परेशान है। जब टोकन के लिए किसान उपार्जन केंद्रों पहुंचा, तो कर्मचारियों ने एग्रीटैक पोर्टल पर पंजीयन नहीं होने की बात कही। इसके बाद पोर्टल पर रकबा निरंक प्रस्तुत होने का हवाला दिया गया। जब उपार्जन केंद्र पहुंचते, उन्हें दस्तावेजी प्रक्रिया में कमियां बताकर वापस कर दिया गया। इससे परेशान होकर सुमेर ने कीटनाशक (जहर) पीकर खुदकुशी जैसे घातक कदम उठाने की कोशिश की है।