कोरबा. टीपीनगर कर्मिशियल काम्पलेक्स अग्निकांड की कई स्तर की जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि कुछ व्यापारियों की गलती की वजह से यह हादसा हुआ था। सम्भवत: अब पुलिस कुछ व्यापारियों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई कर सकती है। इसे देखते हुए अब शहर के व्यापारी लामबंद हो गए हैं।
गुरुवार को इसे लेकर जिला चेंबर्स ऑफ कामर्स ने चेंबर भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में अध्यक्ष योगेश जैन, पूर्व अध्यक्ष रामसिंह अग्रवाल की उपस्थिति में सभी व्यापारियों ने एक राय यही दी कि इस पूरे अग्निकांड में सबसे अधिक प्रभावित व्यापारी वर्ग ही हुआ है। व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। पिछले १० दिन से व्यापार पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। दुकानों को नए सिरे से शुरु करने में लाखों और खर्च करने पड़ेंगे। उन व्यापारियों का व्यापार पटरी पर आने में अभी महीनों लग जाएंगे। इस स्थिति में व्यापारियों पर केस दर्ज न करने की मांग को लेकर सहमति बनी। सभी व्यापारी पैदल चलते हुए टीपीनगर तक पहुंचे। शुक्रवार को पूरे शहर के व्यापारी सुभाष चौक पहुचेंगे। फिर कलेक्ट्रेट तक पैदल चलते हुए जाएंगे। जहां कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी मांग रखी जाएगी।
निगम और वितरण विभाग पर भी हो कार्रवाई
चेंबर्स भवन में आयोजित बैठक में कई व्यापारियों का निगम और वितरण विभाग पर भी गुस्सा फूटा। लंबे समय से काम्पलेक्स की बिजली की तारें अव्यवस्थित तरीके से फैली हुई थी। लोड को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी थी। निगम के संपदा विभाग ने कभी स्वरूप बदलने को लेकर जांच नहीं की। जितने दोषी व्यापारी हैं उससे अधिक दोनेां विभाग भी है। दोनों विभाग पर भी कार्रवाई की मांग की गई।
तीन लोगोंं की हुई थी मौत, कानूनी कार्रवाई तय
भीषण अग्निकांड में तीन लोगों की दम घुटने से मौत हो गई थी। अगर सामान्य आगजनी की घटना होती तो व्यापारी कानूनी कार्रवाई से बच सकते थे, लेकिन तीन लोगों की मौत के बाद कानूनी कार्रवाई होना तय है। अब यह देखने वाली बात होगी कि पुलिस किस-किस को आरोपी बनाती है, किन पहलुओं को आधार मानकर आगे की कार्रवाई होगी।
भवन उपयोग लायक है कि नहीं, एक्सपर्ट से राय का इंतजार
भवन अब उपयोग लायक है कि नहीं। इसके लिए निगम द्वारा रायपुर से बुलाकर एक्सपर्ट से राय ली गई थी। अब तक एक्सपर्ट ने अपनी राय नहीं दी है। सम्भवत: सोमवार को एक्सपर्ट से राय मिल जाएगी। इसके बाद व्यापारियों को निगम जानकारी देगा। अगर भवन उपयोग लायक होगा तो नए सिरे से दुकानों को व्यापारी ठीक करने में जुटेेंगे।