Fraud: मनरेगा हितग्राहियों से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामले में ग्रामीणों ने जनपद पंचायत सीईओ से शिकायत की है।
कोरबा. ग्रामीणों की जानकारी के बिना ही उनके नाम पर बैंक में खाते खुल गए। इतना ही नहीं। इन खातों से लाखों का आहरण भी किया गया। दिलचस्प बात यह है कि जिन ग्रामीणों के नाम पर पैसे आहरण किए गए, उन्हें इसकी जानकारी अब मिली है।
यह पूरा मामला कटघोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोलिहामुड़ा का है। गुरुवार को ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत जनपद पंचायत कटघोरा के सीईओ से की है। इस मामले में रोजगार सहायक, सचिव व सरपंच द्वारा सांठगांठ कर मनरेगा मद से फर्जी मस्टररोल तैयार कर लगभग चार लाख रुपए का बंदरबांट किया गया है। मामले की जांच पूरी कर प्रतिवेदन जिला पंचायत सीईओ को भेजा गया है।
राशन वितरण में भी गडबड़ी
कोलिहामुड़ा के ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सचिव द्वारा चार महीने से हितग्राहियों को राशन का वितरण नहीं किया जा रहा था, लेकिन हितग्रहियों के कार्ड में लगातार राशन जारी हो रहे थे। सचिव द्वारा राशन आहरित कर उसे खुले बाजार में बेचा गया है।
मेरे नाम पर निकाले एक लाख 19 हजार रुपए
ग्राम मुढ़ाली की कुमारी बाई ने बताया कि रोजगार सहायक और अन्य ने मिलीभगत कर मेरे नाम पर एक लाख 19 हजार रूपए निकाल लिए। इसकी जानकारी मुझे अभी मिली है। जबकि 2014 से लेकर 2019 तक मैने मजदूरी की है। इसका पैसा मुझे अब तक नहीं मिला। लेकिन बंधन बैंक पर खाता खुलवाकर पैसे निकाले गए हैं। इसकी जानकारी मुझे अब मिल रही है।
मृतकों के नाम पर भी निकाले पैसे
ग्रामीण संध्या बाई ने बताया कि गांव के निवासी रहे मृतक छतराम पैगंबर, मीरा बाई यादव के नाम भी मस्टररोल में जोड़े गए हैं। फर्जीवाड़े कर मृतकों के नाम पैसे निकाले गए हैं। इसकी शिकायत हमने कई बार की है। लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी है। हमारी मांग है कि दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
-ग्राम पंचायत कोलिहामुड़ा में रोजगार सहायक द्वारा भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितता की शिकायत हुई है। इसकी जांच भी हो चुकी है। रोजगार सहायक को बर्खास्त, सचिव को निलंबित और सरपंच पर भी कार्रवाई के लिए जिला पंचायत सीईओ को पत्र भेजा गया है। संजय कुमार मरकाम, सीईओ, जनपद पंचायत, कटघोरा