कोरबा

कोरबा के दशहरी आम की भारी डिमांड, उगाने से लेकर सप्लाई तक का पूरा काम किसान खुद ही कर रहे..

Korba news: काले सोने के लिए मशहूर कोरबा अब आमों के लिए भी अपनी पहचान बना रहा है। यहां के आम उत्पादक किसानों ने ऐसा सिस्टम विकसित किया है कि बिचौलिए बाहर हो गए हैं।

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May 30, 2023
file photo

Chhattisgarh news: कोरबा। काले सोने के लिए मशहूर कोरबा अब आमों के लिए भी अपनी पहचान बना रहा है। यहां के आम उत्पादक किसानों ने ऐसा सिस्टम विकसित किया है कि बिचौलिए बाहर हो गए हैं और किसानों को अच्छा मुनाफा हो रहा है जिससे उनकी आय भी बढ़ रही है।

करतला विकासखंड के 50 से अधिक गांव के किसानों ने नाबार्ड के सहयोग से अपनी बाड़ी में आम का पौधा लगाया है। एक हजार एकड़ से के रकबे में आम की फसल ली जा रही है। इस साल इसमें भरपूर आम है। इसका लाभ उठाने के लिए किसानों (korba news) ने कृषक उत्पादक संघ बनाया है। किसान अपनी बाड़ी से आम तोड़कर बिचौलियों को नहीं देते हैं बल्कि कृषक उत्पादन संघ को देते हैं।

उत्पादक संघ की गाड़ियों से आम कोरबा, बिलासपुर और चांपा की मंडी को रवाना किया जाता है। इसकी बिक्री के लिए उत्पादक संघ के पदाधिकारी मंडी में जाते हैं। इसकी बिक्री करते हैं और किसानों को आम का पैसा प्रदान करते हैं। रोजाना 40 से 50 कैरेट आम इस ब्लॉक के किसानों ने चार कृषक उत्पादक संघ बनाए हैं। इसमें महामया, हरियाली, जय गुरुदेव के (farmer news) अलावा एक अन्य संघ (korba news) शामिल है। कृषक संघ किसानों का आम खरीदता है। इसकी छंटाई के बाद कैरेट में भरकर आम को मंडियों के लिए रवाना किया जाता है।

कोरबा के दशहरी आम की जोरदार मांग

41 लाख रुपए का आम इस सीजन में अभी तक एक लाख 47 हजार 871 किलो आम मंडी में बेचा गया है। थोक में यह आम 28 से 30 रुपए प्रति किलो की दर पर बेचा गया है। इस साल किसानों ने कृषक उत्पादक संघ के जरिए 41 लाख रुपए से अधिक का आम बेचा है।

10 साल पहले शुरू हुआ था प्रोजेक्ट, अब करतला की पहचान बना

नाबार्ड के सहयोग से लगभग 10 साल पहले इस विकासखंड में बाड़ी कार्यक्रम संचालित किया गया था। प्रारंभ में किसानों को इस कार्यक्रम से जोड़ने में थोड़ी परेशानी हुई लेकिन परिणाम सामने आने पर किसानों का उत्साह बढ़ता गया। आज बाड़ी कार्यक्रम के (cg news) तहत करतला विकासखंड में आम के 60 हजार से अधिक हाईब्रिड पौधे लगाए गए थे। इस साल लगभग 32 हजार पेड़ों में आम फला है।

बिचौलियों ने आम के लिए सम्पर्क किया था। पूरी बाड़ी खरीदना चाहते थे। लेकिन मैंने उनसे सौदा नहीं किया।

-लाखन सिंह राठिया, ग्राम पीड़िया

बाड़ी से आम तोड़कर कृषक उत्पादक संघ के जरिए मंडी तक भेजा जा रहा है। बिचौलिया 18 रुपए प्रतिकिलो की दर पर खरीदने के लिए आया था। मैंने मना कर दिया।

-बूंदराम राठिया, ग्राम जोगीपाली

Published on:
30 May 2023 12:38 pm
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