
कोरबा. कलर प्रिंटर पर नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले एक गिरोह (Fake Currency Racket Busted) का भांडा फोड़ हुआ है। गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने पकड़ा है। तीसरा आरोपी फरार है। गिरोह से साढ़े 17 हजार रुपए का नकली नोट बरामद किया है। इसमें 100, 200 और 500 रुपए के नोट शामिल हैं।
गिरोह के पास से पुलिस ने कलर प्रिंटर, जाली नोट और छपाई में उपयोग की जाने वाली पेपर को जब्त किया है। कोरबा सीएसपी राहुल देव शर्मा ने बताया कि गुरुवार को बुधवारी के साप्ताहिक बाजार में लोगों ने 100 रुपए की नकली नोट के साथ एक युवक को पकड़ा था। उसे पुलिस के हवाले कर दिया था। पूछताछ में युवक ने अपना नाम रमेशरा अमलेश निवासी ग्राम रटगा थाना मरवाही जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही बताया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया।
उसने अपने दोस्त राय बहादुर प्रसाद भैना और गुलाब अहिरेश के साथ मिलकर कलर प्रिंटर पर नकली नोट छापना और बाजार में खपाना बताया। नोट की छपाई ग्राम रटगा में राय बहादुर के घर किए जाने की जानकारी दिया। जाली नोट को खपाने के लिए अहिरेश के साथ बाइक से कोरबा आना बताया।
पुलिस ने रमेशरा की निशानदेही पर बाइक को पकड़ लिया। उसकी तलाशी ली गई। बाइक की डिक्की में 200 रुपए और 500 रुपए के नोट मिले। बुधवारी बाजार में रमेशरा की पकड़ में आने के बाद गुलाब अहिरेश फरार हो गया। उसकी खोजबीन शुरू की गई। देर रात पुलिस ने घेराबंदी करके नकली नोट खपाने आए दूसरे युवक अहिरेश को भी पकड़ लिया।
आरोपी गुलाब अहिरेश की निशानदेही पर ग्राम रटगा जाकर राय बहादुर के घर से पुलिस ने एक रंगीन प्रिंटर जब्त किया गया है। आरोपी राय बहादुर फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी रमेशरा अमलेश के कब्जे से आठ हजार 200 रुपए एवं गुलाब अहिरेश के कब्जे से नौ हजार 300 रुपए के नकली नोट बरामद किए गए हैं।
दोनों से 17 हजार 500 रुपए का नकली नोट मिला है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने भारतीय मुद्रा की नकल करने और उसे बाजार में खपाने का केस दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। यहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस केस दर्जकर जांच कर रही है।