केवल 37 भावी इंजीनियरों ने लिया आईटी में प्रवेश

इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कोरबा टॉपर्स की पसंद नहीं बन पाया। पहली काउंसिलिंग के पश्चात कुल 122 छात्रों ने आईटी को पसंद किया था। लेकिन इसमें से केवल 37 ने ही यहांं प्रवेश लिया है। शेष सीटें रिक्त रह गईं हैं।
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Updated: 1 Jul 2016, 10:21 AM IST
engineers have entered IT
Only 37 prospective engineers have entered IT
कोरबा.
इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कोरबा टॉपर्स की पसंद नहीं बन पाया। पहली काउंसिलिंग के पश्चात कुल 122 छात्रों ने आईटी को पसंद किया था। लेकिन इसमें से केवल 37 ने ही यहांं प्रवेश लिया है। शेष सीटें रिक्त रह गईं हैं। हालांकि प्रदेश के अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों से तुलना करने पर एडमिशन के मामले में आईटी की स्थिति अब भी काफी बेहतर है।

पहली काउंसिलिंग के बाद मिले आंकड़े यही बयान कर रहे है। प्रदेश भर के कई निजी कॉलेजों में जहां तीनों काउंसिलिंग के बाद भी सीटों का चुनाव नहीं हो पाता, वहीं पहली काउंसिलिंग के बाद आईटी की तकरीबन 50 फीसदी सीटों का चुनाव छात्रों ने किया था।


सीट चयन के अनुपात में विद्यार्थियों ने कॉलेज में प्रवेश नहीं लिया है। पहली काउंसिलिंग के बाद अब 05 जुलाई तक दूसरी काउंसिलिंग का दौर चलेगा। पहले चरण में जितने भी छात्रों ने आईटी कोरबा का विकल्प भरा था उसमें से केवल 37 छात्रों ने ही प्रवेश लिया है। आईटी में उपलब्ध सभी चार ब्रांचो में 60-60 सीटें उपलब्ध है। इस वर्ष इन पर कितनी सीटों पर एडमिशन होता है। इसकी स्थिति तीनों काउंसिलिंग के बाद ही स्पष्ट होगी।


हर ब्रांच के तीन-तीन टॉपर्स को नि:शुल्क शिक्षा

आईटी कोरबा प्रत्येक ब्रांच में 3-3 सीटों पर टॉपर छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा दिए जाने का प्रावधान है। इसलिए हर संकाय में टॉपर्स के लिए 3-3 सीटें पृथक से आरक्षित रहती हैं। इस लिहाज से यदि एक संकाय में 60 से अधिक छात्र एडमिशन के लिए उपलब्ध होते हैं तो 63 छात्रों को एडमिशन दिया जाता है। पहली काउंसिलिंग के बाद सिविल ब्रांच में कुल 63 छात्रों ने सीट का चुनाव किया है। सीट अलॉटमेंट के पश्चात एडमिशन प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद ही इसकी स्थिति साफ होगी कि चयनित सीटों पर कितने छात्रों ने प्रवेश लिया है। फिलहाल इसकी संख्या बेहद कम है।

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