कोरबा. पट्टे के लिए २६२२ लोगों की सूची बीते छह महीने से तैयार हो चुकी है। अब तक लोगों को पट्टा का वितरण हो जाना था,लेकिन किसी कारणवश प्रशासन द्वारा अभी पट्टे का वितरण नहीं किया जा रहा है। लोग आएदिन पट्टे की मांग को लेकर जिला प्रशासन से मांग करने पहुंच रहे हैं। एसईसीएल कोरबा एरिया की ओर से अधिग्रहित शासकीय भूमि पर वर्षों से मकान बनाकर रहने लोगों को पट्टा मिलना है।
कोयला खनन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुपयोगी भूमि को निर्धारित प्रक्रिया के तहत शासन को पुन: वापस करने का प्रावधान है।इसके तहत एसईसीएल कोरबा क्षेत्र की ओर से नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत पूर्व में ली गई शासकीय भूमि को अब शासन को लौटा दिया है। इससे संबंधित भूमि पर कब्जा और मकान बनाकर रहने वाले दो हजार 622 परिवारों को पट्टा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
सीएम ने की थी घोषणा
औद्योगिक संस्थानों की भूमि पर वर्षों से मकान बनाकर निवासरत लोगों को पट्टा देने के लिए सीएम ने घोषणा की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर औद्योगिक संस्थानों की जमीन पर निवासरत लोंगो को पट्टा दिलाने की कार्रवाई शुरू की थी। सर्वे दल ने वहां निवासरत परिवारों का सर्वे का कार्य किया गया। एसईसीएल की शासकीय भूमि पर 2622 परिवार निवासरत पाए गए थे। सर्वे के बाद पट्टा वितरण के लिए आवश्यक आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी कोरबा को निर्देश दिए थे। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी।
जिस जमीन को कंपनी ने लौटाया, वहीं का मिलेगा पट्टा
जो जमीन कंपनी ने सरकार को लौटाई उसी का मिलेगा पट्टा बताया जाता है कि एसईसीएल की ओर से कोरबा एरिया में मानिकपुर, मुड़ापार, रामनगर, पंप हाउस, 15 ब्लॉक, सुभाष ब्लॉक, कृष्णा नगर, बांकीमोंगरा, घुड़देवा, बलगी सहित अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। कंपनी ने मुड़ापार, रामनगर, कृष्णा नगर, पंप हाउस सहित कई क्षेत्रों में अधिग्रहित की गई जमीन प्रदेश सरकार को लौटा दिया है। प्रशासन की ओर से बताया गया कि जो जमीन कंपनी की ओर से लौटाई गई है, उसी जमीन पर कब्जा कर मकान बनाकर रहने वालों को पट्टा उपलब्घ कराया जाएगा।
इधर पट्टे की उम्मीद में बेधड़क हो रहा कब्जा
एक तरफ जहां पट्टे के वितरण में देरी हो रही है तो दूसरी तरफ पट्टे की उम्मीद में एसईसीएल की जमीन में बेधड़क कब्जा हो रहा है। ताकि पट्टे के वितरण में छूटे परिवारों को भी जमीन का पट्टा मिल सके। अतिक्रमण पर रोक इसलिए नहीं लग पा रही है क्योंकि क्षेत्र की जमीन का अब पट्टा वितरण होना है। ० अन्य उपक्रम की जमीन पर पट्टा वितरण में देरी अन्य उपक्रमों की जमीन पर भी काबिज लोगों को पट्टे का वितरण होना है। करीब चार हजार लोगों की सूची बनाई गई थी। बालको, एनटीपीसी, विद्युत कंपनी की जमीन पर भी सैकड़ों लोग काबिज हैं। वर्षों से निवासरत लोगों को पट्टा मिलना है। इसकी भी सूची तैयार है। पथर्रीपारा वार्डपार्षद सुनीता राठौर ने वार्डवासियों के साथ पट्टे की मांग को लेकर कलेक्टर से मांग की थी।